लड़बो जीतबो
India Today Hindi|June 24, 2020
लड़बो जीतबो
सूबे में अगले साल विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा ममता बनर्जी को अस्थिर करने के लिए जोरदार हमले कर रही है. मुख्यमंत्री पलटवार तो कर रही हैं लेकिन उन्हें अपनी पार्टी के भीतर से उभरते असंतोष के स्वरों को भी शांत करना है
रोमिता दत्ता

पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के एक प्रसिद्ध पार्क में नीम का पौधा रोपा और चक्रवात अम्फान से तबाह हो गए सुंदरवन में 5 करोड़ मैंग्रोव के नए पौधे लगाने वाले सरकार के एक बड़े वनीकरण अभियान की घोषणा की. अम्फान ममता के एक और मकसद में काम आ रहा है. उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि बंगाल की सत्ता को हासिल करने के लिए भाजपा इतनी ज्यादा आतुर हो गई है कि उसे चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं और कोविड-19 महामारी जैसी बड़ी विपत्तियों का भी राजनीतिकरण करने से कोई परहेज नहीं है. उन्होंने कहा, "जहां हम (तृणमूल कांग्रेस) लोगों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं, वहीं एक राजनैतिक दल हमारी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए काम कर रहा है. क्या मैं यह कह रही हूं कि नरेंद्र मोदी को दिल्ली की सत्ता से उखाड़कर फेंक दिया जाना चाहिए? यह राजनीति करने का समय नहीं है.'

लेकिन बंगाल के राजनैतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि ममता भाजपा के खिलाफ रक्षात्मक हो रही हैं. भाजपा, जिसने 2019 के आम चुनाव में राज्य की 42 में 18 लोकसभा सीटें जीत ली थीं, ममता के लिए एक स्पष्ट और आसन्न खतरा है. महामारी और चक्रवात जैसी दो बड़ी आपदाओं से जूझने में ममता सरकार की सांसें फूल रही हैं और भाजपा, ममता की इस घबराहट का फायदा उठाने में बिल्कुल नहीं चूक रही. अपनी सरकार के आपदाओं से निपटने में अक्षमता को लेकर भाजपा की आलोचनाओं से आहत, ममता बेहद कमजोर दिख रही हैं. कोलकाता के प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एमेरिटस और राजनैतिक विश्लेषक प्रशांतो रे कहते हैं, “ममता को एक साल से भी कम समय चुनाव का सामना करना है और भाजपा से उन्हें कड़ी चुनौती मिलने वाली है. इसलिए उनकी घबराहट समझ आती है. महामारी प्रभावित लोगों के लिए राशन वितरण में खामियों और भ्रष्टाचार को लेकर उनकी स्वीकृति, पारदर्शिता दिखाने की हताश कोशिश भर दिखती है.

घमासान की तैयारी

लेकिन ममता जुझारू राजनेता हैं और टीएमसी प्रमुख भाजपा की छवि पर सीधा प्रहार शुरू कर दिया है. बंगाल के वन मंत्री राजीव बनर्जी कहते हैं, "हम पहले सोशल मीडिया और छोटी टीमों के जरिए लोगों तक पहुंच रहे हैं और उन्हें यह बता रहे हैं कि भाजपा किस प्रकार मानवीय त्रासदियों पर राजनीति कर रही है.

ममता, भाजपा की छवि एक ऐसे 'सत्तालोलुप आक्रमणकारी' की बनाने की कोशिश कर रही हैं, जो बंगाल की संस्कृति और उसके धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण को नष्ट कर देगी. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चेतावनी दी कि वह अगर बंगाल को भी भाजपा के पिछले विजय अभियानों की तरह ही देख रहे हैं तो यह उनकी भूल है. ममता ने कहा, "आप (अमित शाह) ने बहुत से किले जीत लिए, भारत सरकार बन गए, कई राज्यों पर विजय प्राप्त कर ली... लेकिन बंगाल को विजेता वाली उसी सोच से मत देखिए. यह शानदार जगह है. अगर आप बंगाल से प्यार करते हैं, तो बंगाल की जनता आपसे प्यार करेगी.

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June 24, 2020