उत्तर प्रदेश में कर्मयोग के तीन वर्ष
उत्तर प्रदेश में कर्मयोग के तीन वर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कठोर फैसले लिए तो प्रदेश को उपलब्धियों से समृद्ध भी किया

मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयां दी हैं। वे अपराध और प्रशासन के मामले में कठोर से कठोर फैसले लेने में जरा भी देर नहीं करते। उनके प्रशंसक उन्हें दृढ़ता के प्रतीक के रूप में देखते हैं। वे व्यक्तित्व एवं जीवनशैली में सादगी के पक्षधर हैं। योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के तौर पर अपने शासनकाल के तीन वर्ष पूरे कर चुके हैं और इस अवधि में उत्तर प्रदेश ने कई उल्लेखनीय बदलाव देखे हैं। ये बदलाव प्रदेश के समस्त क्षेत्रों और प्रदेशवासियों के जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े हैं। ये तीन वर्ष वे वर्ष हैं जो उत्तर प्रदेश को कई मायनों में देश का अग्रणी राज्य बना रहे हैं। शिक्षा का क्षेत्र हो, अर्थव्यवस्था के पेंचीदा मसले हो, महिला और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दे हों या विकास और पर्यावरण की योजनाएं हों- मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि एवं अथक प्रयासों से अहम सफलताएं हासिल हो रही हैं। कुंभ का सफलतम आयोजन और इन्वेस्टर समिट और डिफेंस एक्सपो जैसे सफल आयोजन हो या फिर हाल का पुलिस कमिशनरी सिस्टम, उत्तर प्रदेश शासन और प्रशासन के साथ विकास के नये शिखर पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को 2024 तक एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के बड़े लक्ष्य की ओर अग्रसर कर दिया है।

किसान उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। लेकिन यही किसान पिछली सरकारों में उपेक्षित रहे और कर्ज के जाल में फंसते चले गए। योगी सरकार ने अपना काम ही किसानों को कर्ज के जाल से मुक्त कराने से शुरू किया।मार्च 2017 में सरकार के गठन के बाद हुई कैबिनेट की पहली बैठक में ही किसानों के फसल ऋण मोचन के सबसे बड़े चुनावी वादे को पूरा किया गया ।86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को 36 हजार करोड़ रुपए के ऋण से मुक्त कर ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था को एक नई ऊर्जा प्रदान की गई। 50 लाख से अधिक किसानों को 1222 करोड़ की धनराशि डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से उनके खाते में भेजी गई। इसके साथ ही किसानों के हितों के फैसले लागू करते हुए प्रदेश सरकार ने खाद्यान के समर्थन मूल्य में वृद्धि की गेहूं और रिकार्ड धान की खरीद हुई ।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के।अंतर्गत प्रदेश की सभी किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिनमें किस्त के रूप में अभी तक कुल 12000 करोड़ की धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी गई। फसली ऋण किसान की मौलिक जरूरत है, जिसके लिए 17 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए गए ताकि वह बैंक से फसल के लिए रकम ले सके। 4 करोड़ से अधिक

मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। यह भी उल्लेखनीय है कि योगी सरकार द्वारा बिना किसी भेदभाव के सभी को बिजली मुहैया कराई जा रही है। जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों में 20 घंटे और गांव में 18 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सौभाग्य योजना के तहत अधिकतम विद्युत कनेक्शन जारी करने के लिए उत्तर प्रदेश ने भारत सरकार से प्रशंसा पाई है।

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April 01, 2020