टीकाकरण समय की मांग
DASTAKTIMES|September 2020
We're offering this story for free to read so that you can stay updated on the COVID-19 outbreak
टीकाकरण समय की मांग
वर्षों तक, अलग-अलग देशों में अलग-अलग विधियों का विकास हुआ ताकि सुनिश्चित हो सके कि टीकों का सुरक्षित रूप से विकास, निर्माण और उपयोग किया जा सके फिर जानवरों और मनुष्यों में परीक्षण के लिए स्थिर और अत्यधिक शुद्ध उत्पाद बनाने के लिए एक विनिर्माण प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और अंत में टीका बाजार में उतारा जाता है। कोविड19 के टीके का जानवरों में परीक्षण के बिना ही मनुष्यों में तेजी से परीक्षण किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्य वैज्ञानिक ने कोविड-19 के टीके के विकास और वितरण के लिए राष्ट्रवादी दृष्टिकोण को बजाय एक बहुपक्षीय या वैश्विक दृष्टिकोण की अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
राघवेन्द्र प्रताप सिंह

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कोविड19 के लिए 40 से अधिक देशों द्वारा टीके का विकास किया जा रहा है। बहरहाल, कोरोना वैक्सीन को लेकर अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी का ऐलान 11 अगस्त, 2020 को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया है कि उनके वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की ऐसी वैक्सीन तैयार कर ली है जो कोरोना वायरस के खिलाफ कारगर है।

इसके अतिरिक्त चीन की सिनोवैक बायोटेक लिमिटेड ने कोविड-19 वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के अंतिम चरण की शुरुआत की है। इस वैक्सीन का ट्रायल इंडोनेशिया में 1620 मरीजों पर किया जा रहा है। भारत में भी स्वदेशी वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है किन्तु जानकारों का मानना है कि टीका बना लेने से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है, टीकाकरण।

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories, newspapers and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

September 2020