जगदंबे देंगी निरोगी काया का वरदान
Anokhi|October 17, 2020
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जगदंबे देंगी निरोगी काया का वरदान
दुनिया भर में पिछले कुछ माह से हाहाकार मचा हुआ है। हर कोई महामारी से त्रस्त है। ऐसे में सही तरीके से मां अंबे की पूजा-अर्चना से आपको निरोगी काया का वरदान मिल सकता है। कैसे करें देवी मां की पूजा-अर्चना
पंडित भानुप्रतापनारायण मिश्र

आपको और आपके परिवार को, समाज और पूरी दुनिया को अच्छी सेहत प्रदान करने के लिए मां आज आ रही हैं। वैसे भी मां का आगमन मलमास-अधिक मासलगने के कारण एक महीने की देरी से हो रहा है। अच्छा ही हुआ वरना पिछले महीने पड़ी तीखी गर्मी तो जेठ में पड़ने वाली भीषण गर्मी को भी पराजित कर रही थी। मां तो पहली गुरु है। प्रकृति मां ही तो हैं, तभी तो मौसम के हर संधिकाल में नवरात्र करने की प्रेरणा अपनी संतान को देती हैं। हमारे विद्वान ऋषियों ने यही ध्यान में रखकर नवरात्र का प्रचार किया था। चैत्र और शारदीय नवरात्र जागृत हैं, तो दो गुप्त नवरात्र आषाढ़ और माघ में आते हैं। सृष्टि के प्रथमशब्द तप का महत्व नवरात्र के दौरान क्या गरीब, क्या अमीर...हर किसी को अच्छी तरह से समझ में आता है। प्रकृति का संदेश यही है कि तप करो, जिससे शरीर निरोगी हो, रोगों की आशंका समाप्त हो। भौतिकता को छोड़कर आध्यात्म रूपी मोक्षदायिनी मांदुर्गा कोहम प्राप्त करें। नवरात्र में हम तरह-तरह के विधिविधान से मां अंबे की आराधना करते हैं। पर, क्या आप इन विधि-विधानों के पीछे छिपे महत्व से अवगत हैं? आइए, पहले जानें कि हमारी पूजाअर्चना की विधि का महत्व क्या है:

गणेश पूजन का महत्व

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October 17, 2020