जब बढ़ने लगे वर्चुअल थकान
Anokhi|September 12, 2020
जब बढ़ने लगे वर्चुअल थकान
मिनट-मिनट बाद आने वाले नोटिफिकेशंस, एक के बाद एक फोन और ऑनलाइन मीटिंग्स, दिमाग को पूरी तरह थका देते हैं। घर से काम करते हुए बढ़ रही इस वर्चुअल थकान से कैसे दूर रहें, बता रही हैं पूनम जैन
पूनम जैन

घर से काम करने की सुविधा के कई फायदे भी हैं तो नुकसान भी। खासकर, महिलाओं के लिए घर में रहते हुए घर के कामों से दूरी बनाए रखना आसान नहीं होता। काम और जीवन में संतुलन बना रहे, इसके लिए नए सिरे से चीजों को तय करना पड़ता है। लेकिन, सब तरह से शेड्यूल बनाने के बावजूद ऐसा हो जाता है कि एक के बाद एक फोन कॉल्स और ऑनलाइन मीटिंग्स पूरी तरह थका देते हैं। एकाध दिन ठीक है, पर आप हर दिन वर्चुअल थकान का शिकार हो रही हैं, तो संभलना जरूरी है। आइए जानें.. .

नेटवर्क से जुड़ी समस्या दूर करें

कभी नेटवर्क की दिक्कत होती है तो कभी डाटा की। जहां तक होसके नेटवर्क और डाटा पैक से जुड़ी दिक्कतों को पहले ही दूर करलें। कई बार लाइव मीटिंग्स में आवाज साफ नहीं होती। या दूसरी ओर से आवाज आप तक नहीं पहुंचती यादेर से आती है। ऐसे में झुंझलाहट होने लगती है। ऐसे में बेहतर है कि किसी भी तरह की उलझन होने पर बात को स्पष्ट कर लें।

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September 12, 2020