मन को भी चाहिए थोड़ा दुलार
Anokhi|September 12, 2020
मन को भी चाहिए थोड़ा दुलार
हम सब बड़े शौक से चेहरे पर नकली मुस्कान बिखेरे मल्टीटास्किंग करते हैं। पर, इसका नकारात्मक असर शरीर के साथ मन पर भी पड़ता है। समय आ गया है कि हम सब अपने मन की सेहत को भी संभालें, बता रही हैं शाश्वती
शाश्वती

एक महिला एक साथ मां, बेटी, हाउसवाइफ, करियर वुमन और न जाने कितनी भूमिकाएं निभाती है। ये सारी भूमिकाएं अपने साथ अलग-अलग तरह की जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं भी लेकर आती हैं। सबसे अजीब बात यह है कि अपेक्षाओं का ये भार अमूमन ऐसा होता है, जिसे पूरा नहीं किया जा सकता। हम सब इन बातों से अच्छी तरह वाकिफ होते हैं, बावजूद इसके समाज द्वारा तय किए गए इन सांचों में खुद को फिट करने के चक्कर में खुद को धीरे-धीरे कुर्बान करते चले जाते हैं। एक परफेक्ट पत्नी, मां, करियर वुमन, बहू या फिर दादी-नानी बनने के चक्कर में अपनी असल पहचान और जरूरत को खोते चले जाते हैं।

पर, क्या आप जानती हैं कि समाज द्वारा थोपी गई परफेक्शन की यह चाहत हमारे और आपके शारीरिक सेहत के साथ-साथ मानसिक सेहत के लिए ठीक नहीं है? मनोविशेषज्ञ डॉ. लवलीन मल्होत्रा के अनुसार, 'परफेक्ट होने की यह आकांक्षा हमारे मन को कब भीतर ही भीतर खोखला कर जाती है, हमें पता भी नहीं चलता। कब हम अपने सपनों और अपनी खुशी के प्रति बेपरवाह हो जाते हैं, हम समझ भी नहीं पाते। इन सबका नतीजा एंग्जाइटी, अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं के रूप में सामने आता है। अब समय आ गया है कि खुद के प्रति यह बेपरवाही हम बंद करें। खुद की भी थोड़ी देखभाल करें।खुद से भी थोड़ा प्यार-दुलार करें।'

खुद की देखभाल सबसे जरूरी

मानसिक परेशानियों से पीड़ित महिलाएं अमूमन अपनी परेशानियां किसी से साझा ही नहीं करती हैं क्योंकि हमारा समाज उनकी बीमारी के लिए भी उन्हें ही दोषी ठहराने लगता है। और फिर किसी महिला का अवसाद या एंग्जाइटी से पीड़ित होना समाज द्वारा तय मानकों के अनुरूप भी तो नहीं। हमारा समाज तो चाहता है कि एक महिला बिना थके, बिना शिकायत किए दिन-रात अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में डूबी रहे। समाज हम महिलाओं से इतनी ज्यादा अपेक्षा रखता है कि हम दूसरों की देखभाल में ही अपनी पूरी जिंदगी खपा देते हैं, खुद की देखभाल का वक्त ही नहीं निकाल पाते।

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories, newspapers and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

September 12, 2020