अब असली परीक्षा आपकी है

Anokhi|June 13, 2020

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अब असली परीक्षा आपकी है
हम सबको बाहर की खुली हवा में पहले जैसी आजादी चाहिए। अपनी पुरानी जिंदगी वापस चाहिए। शायद इसलिए हम सब लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। पर याद रखिए, लॉकडाउन खत्म हुआ, कोरोना वायरस नहीं। फिलहाल हमें इसी के साथ जीना सीखना है, वह भी खुद को बचाते हुए। कैसे? बता रही हैं किरण मिश्रा
किरण मिश्रा

कोरोना हमारे लिए कितना खतरनाक है, इसका एहसास तो आपको हो ही गया होगा। अब चिंता लॉकडाउन के बाद शुरू होने वाली जिंदगी को लेकर है, जब बच्चे स्कूल जाना शुरू करेंगे और सारे ऑफिस खुल जाएंगे। सबके मन में बस एक ही सवाल कि क्या हमें हमेशा मास्क लगा कररहना पड़ेगा? लोगों से दूरी बनाकर रखनी पड़ेगी? हाथों को हमेशा सेनिटाइज करते रहने होगा? रोजमर्रा की जिंदगी में यह सब संभव तो नहीं लग रहा! मगर इस मामले में जापानियों की जीवनशैली का जिक्र करना जरूरी हो जाता है, जिसकी चर्चा इन दिनों की जा रही है। वहां लोगों की आवाजाही पर कोई खास पाबंदी नहीं लगी, रेस्तरां समेत सभी दुकानें खुली रहीं, लोग ऑफिस जाते रहे, लॉकडाउन भी नहीं हुआ और कोरोना के मामले भी वहां काफी कम हुए। इसके लिए सरकारी सजगता के साथ जापानियों की जीवनशैली को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। दरअसल, जापानियों के लिए मास्क पहनना कोई नई बात नहीं है, यह तो वहां के लोगों की जीवनशैली का अहम हिस्सा रहा है। खानपान और हाइजीन का तरीका भी उनका काफी हेल्दी है। उनकी बात करने की शैली ऐसी है, जिसमें मुंह से ड्रॉपलेट कम फैलता है। शायद इस वजह से यह वायरस वहां ज्यादा फैल नहीं पाया। तो अगर आप खुद और अपने परिवारको इस वायरस से सुरक्षित रखना चाहती हैं, तो आपको अपनी कुछ आदतों को बदलना होगा। डॉक्टरों का भी कहना है कि हमारी असली जिम्मेदारी तो लॉकडाउन के बाद शुरू होने वाली है कि इस वायरस से बचने के लिए हम क्या-क्या करते हैं।

चेहरे पर मास्क

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June 13, 2020