मां की बात जिन्दगी भर का साथ

Anokhi|May 9, 2020

मां की बात जिन्दगी भर का साथ
मदर्स डे मतलब मां को खास महसूस करवाने का दिन। कल मदर्स डे है। यही वो दिन भी है, जब मां की दी हुई सीखों को याद कर लिया जाना चाहिए, ताकि जिंदगी आसान बनी रहे, बता रही हैं
चयनिका निगम

दोपहर के 2 बज रहे थे। मैं और मेरा भाई खेलते-खेलते स्टोर रूम में छप गए और फिर अंदर से उसे बंद भी कर लिया। अब मस्ती करने के बाद बाहर आने की बारी आई तो दरवाजे ने तो मानो खुलने से साफ-साफ इंकार कर दिया हो। मुश्किल से दो बार ही कोशिश की होगी कि फिर लगे हम दोनों रोने। मां जब आईं, तब तक हम दोनों भाई-बहन इतनी तेज रो रहे थे कि मोहल्ले के दो-चार लोग हमारे घर आ चुके थे। मां बाहर से हमसे बात करना चाह रही थीं, लेकिन हमारी रोने की आवाज इतनी तेज थी कि हम खुद कुछ सुन ही नहीं पा रहे थे। इसी चिल्लाने और हाथ से निकलती हुई स्थिति के बीच अचानक से दरवाजे के नीचे से चॉकलेट अंदर आई तो लगा, अरे ये कैसे हुआ? लेकिन ठीक उसी वक्त चॉकलेट को देखकर मानो हमारा ध्यान ही इस बात से हट गया कि हम बंद हो गए हैं। दरअसल मां ने हमें चॉकलेट खिलाने के मकसद से अंदर नहीं भेजी थी, बल्कि वो तो हमारा ध्यान हटाना चाहती थीं। उस दिन हम लोग बाहर तो आ गए थे, लेकिन मां ने एक सीख जरूर दे दी थी कि बुरे समय में परेशान होने से काम नहीं चलता है, बल्कि हमें तो शांत मन से स्थिति पर काबू पाना होता है।

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May 9, 2020