हममें हिम्मत हम बलशाली

Anokhi|January 25, 2020

हममें हिम्मत हम बलशाली
पिछले कुछ सालों में यह बात उभर कर सामने आई है कि ताकत और इच्छाशक्ति के मामले में महिलाएं किसी भी तरह से पुरुषों से पीछे नहीं हैं। देश-सेवा का जज्बा उनमें कूट-कूट कर भरा है। इसका स्पष्ट उदाहरण विभिन्न सेनाओं में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति है। देश की रक्षा में योगदान देने वाली कुछ महिलाओं के बारे में बता रही हैं प्रीति शर्मा
प्रीति शर्मा

आमतौर पर सेना में महिलाएं इंजीनियरिंग, मेडिकल, कानूनी, सिग्नल औरशैक्षिक विंग में ही काम करती हैं। लेकिन भारतीय सेना में महिलाओं ने पिछले कुछ सालों में कई इतिहास रचे। उन्होंने अपने जज्बे, काबिलियत, हिम्मत से ऐसी उपलब्धियां हासिल की, जिनके बारे में माना जाता था कि वह सिर्फ पुरुष ही कर सकते थे। इन महिलाओं ने लड़ाकू विमान उड़ाने की उपलब्धि हासिल की, नौसेना में विमान उड़ाने की उपलब्धि हासिल की, साथ ही बीएसएफ में कॉम्बेट ऑफिसर बनने का गौरव भी हासिल किया। आइए जानते हैं, ऐसी ही कुछ महिलाओं के बारे में:

वायु सेना में दिखा रही हैं जलवा

अवनि पहली भारतीय महिला थीं, जिन्होंने 30 मिनट तक मिग-21 बाइसन अकेले उड़ाकर इतिहास रच दिया था। अवनि ने गुजरात के जामनगर एयरबेस से 19 फरवरी, 2018 को मिग में अकेले उड़ान भर यह उपलब्धि हासिल की थी। अवनि का जन्म मध्यप्रदेश के रीवा में 27 अक्तूबर, 1993 को हुआ था। मिग-21 बाइसन को उड़ाना बहुत कठिन है, क्योंकि इसके टेक ऑफ और लैंड करने की स्पीड 340 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है । वैसे भी लड़ाकू विमानों को उड़ाना सबसे मुश्किल होता है, क्योंकि इनमें चूक की जरा सी भी गुंजाइश नहीं रहती । अवनि ने छह महीने तक किरण ट्रेनर जेट पर प्रशिक्षण लिया था और फिर एक साल तक बीदर एयरबेस में हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर पर बेहद कड़ी ट्रेनिंग हासिल की थी ।

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January 25, 2020