वात व्याधि में लाभदायी योगासन

Yogya Aarogya|December 2019

वात व्याधि में लाभदायी योगासन
योग का संबंध मानव शरीर के समस्त अंगों से है, अतः इसके सतत्‌ अभ्यास से शरीर सदैव स्वस्थ, निरोग एवं संपूर्ण दोषों से मुक्त रहता है। आयुर्वेद में महर्षि चरक ने योग के बारे में लिखा है-
राजश्री साने

योगे मोक्षे च सर्वासा वेदनानां अवर्तनम्‌।
मोक्षो निवृत्तिर्नि: शेषा योगो मोक्षाप्रवर्तक: ।।

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