स्त्रियों की आम बीमारी ल्यूकोरिया

Swasthya Vatika|January-march2020

स्त्रियों की आम बीमारी ल्यूकोरिया
आमतौर पर किसी भी महिला के योनि मार्ग में उतना ही स्त्राव होता है, जितना कि उसके जननांगों को ( योनि को ) गीला रखने के लिये काफी होता है । यह बहुत ही सीमित मात्रा में होता है । सामान्य स्वस्थ महिला में यह हल्का यह योनि प्राकृतिक तौर पर हुआ सापाया जाता है । जमा स्त्राव गर्भावस्था के दौरान, शिशु जन्म के तुरन्त बाद के महीनों में, गर्भपात के बाद, एवं मासिकधर्म आने के पहले बढ़ जाता है । यह बिल्कुल सामान्य है एवं उसमें कुछ भी बीमारी सरीखी बात नहीं होती है । यह स्त्राव यौन उत्तेजना के समय भी बढ़ जाता है ।
डॉ. विभा खरे

पिछले साल भर से सुषमा परेशान थी । जबसे उसे बेबी हुई थी, लगभग तभी से उसकी योनि से पानी ज्यादा जाने लगा था । हमेशा गीला गीला सा लगता था, अब तो खुजली भी होने लगी थी । कपड़ों पर भी पीले पीले निशान पड़ जाते थे । जो खूब धोने पर भी नहीं जाते थे । कई डॉक्टरों से मिली थी । गली के मोड़ पर वैद्य जी की महीना भर दवाई खाई । चौराहे वाले होम्योपैथिक वाले डॉक्टर साहब से भी मिली, पर कोई फायदा नहीं हुआ । ऐसा करते करते साल भर हो गया था । अब तो योनि के आस पास की जगह पर छोटे लाल लाल दाने से भी निकल आये थे ।

बहुत बार जब यह सामान्य से अधिक होने लगता है तो फिर यह एक परेशानी का कारण बन जाता है । हर समय स्त्री को गीलापन महसूस होता रहता है । यह स्त्राव जांघों के अन्दरूनी तरफ भी रिसने लगता है, जिससे अन्दरूनी कपड़े गीले हो जाते हैं, उसमें बदबू आने लगती है, निशान पड़ जाते हैं । खुजली होने लगती है, योनि मुख पर लाल लाल दाने से पड़ जाते हैं । कमर में दर्द भी शुरू हो जाता है । भूख कम लगती है, मन बेचैन रहता है । अब परेशानी यह होती है कि ये सब किससे कहें । बहुत दिनों तक लाज शरम के मारे से कहा भी नहीं जाता । कई दफा तो घर की देशी दवाइयां और नुस्खे ही आजमाए जाते हैं । लापरवाही और अज्ञानता का यह बात बर्दाश्त के बाहर हो जाती है, तब एक आम हिन्दुस्तानी महिला डॉक्टर के पास जाती है । यह स्थिति शहर और गांव दोनों जगह बराबर है । चाहे जो भी महिला पत्रिका उठा लें, आपको ल्यूकोरिया के बारे में एक प्रश्न जरूर मिल जाएगा । हमारे कहने का अर्थ यह है कि यह अधिकांश महिलाओं में पाई जाने वाली एक बीमारी है, जो बहुत लम्बे समय तक अनदेखी रहती है । मुख्यतः लापरवाही, लाज शरम एवं अज्ञानता के कारण ।

ल्यूकोरिया होने के कारण

जैसा कि हमने आपसे पहले भी कहा है कि, प्राकृतिक रूप से योनि स्त्राव की मात्रा गर्भावस्था, प्रसूति के बाद, गर्भपात के बाद एवं मासिकधर्म के पहले बढ़ जाती है । अतः इन स्थितियों में महिला को आवश्यकता होती है कि वे अपने जनानांगों की पूरी साफ सफाई रखें । कई बार आपको उपरोक्त सामान्य परिस्थितियों के अलावा भी इस अवस्था का सामना करना पड़ता है, जैसे -

• गर्भाशय मुख पर छाला ( सरवाईकल ईरोजन ) ।

• लम्बे समय से गर्भाशय द्वार में सूजन एवं संक्रमण (क्रॉनिक सरर्वीसाईटिस ) ।

• योनि मार्ग संक्रमण व सूजन ।

• हारमोनल एवं गर्भ निरोधक दवाइयां ।

• योनि मार्ग की सफाई हेतु दवाइयों का इस्तेमाल ।

• तथा कुछ अन्य कारण ।

लक्षण एवं इलाज

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