शक्ति का स्वरूप और नवरात्र
Sadhana Path|October 2020
शक्ति का स्वरूप और नवरात्र
नवरात्र देवी के शक्ति रूपों का महापर्व है। समस्त संसार को आलोकित, ऊर्जामय करने वाली देवी संसार की पालनहार हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष के नवरात्र महोत्सव भी हमको देवी भगवती के विशाल स्वरूप और शक्ति का अनुभव कराते हैं।
डॉ. हनुमान प्रसाद उत्तम

ऐसी कौन-सी शक्ति है जो हमको जन्म देती है और कौन-सी ऐसी शक्ति है, जिसने हमें जन्म देने वाली मां को भी जन्म दिया। स्वभावतया मनुष्य अपनी तीन या अधिक से अधिक पांच पीढ़ियों को याद रखता है। इसलिए पितृ तर्पण के समय भी तीन पीढ़ियों का ही तर्पण होता है। इसके बाद एक श्रृंखला ऐसी आती है कि आदमी को अपने वंश और इतिहास का ही पता नहीं होता। प्रश्नों का उत्तर देते हुए जब हम निरुत्तर हो जाएं वहां से शक्ति का अनुभव होता है।

शक्ति के नाना रूप हैं वह परमेश्वर की भी शक्ति है, देवों के देव की भी शक्ति है, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम और कृष्ण की शक्ति भी शक्ति में निहित है, कालों के काल और सृष्टि को संचालित करने वाली देवी ही प्रकृति स्वरूपा शक्ति है। शक्ति और शक्तिमान अलग-अलग नहीं है। उसको आप किसी भी स्थिति में अनुभव कर सकते हैं। चाहे शंकर पार्वती के रूप में हो या माता-पिता के रूप में। कभी विचार कीजिये कि आपको जीवन जीने और कार्य करने के लिए ऊर्जा कहां से मिलती है। कौन महाशक्ति है जो आपके हृदय में इच्छाएं जगाती है और उन्हें मार भी देती है? रात को सोकर आप कैसे सुबह एक नए उत्साह के साथ कार्य करने के लिए उत्प्रेरित हो जाते हैं? इन सारे प्रश्नों का उत्तर किसी विज्ञान की किताब में नहीं मिलेगा। मां के कदमों में ही आपको इस्लाम के मुताबिक जन्नत और हिन्दू धर्म के अनुसार स्वर्ग की प्राप्ति होगी। इसलिए मां के स्वरूप को सभी धर्मों ने स्वीकार किया है।

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