सपने मार्गदर्शक हैं अपने

Sadhana Path|February 2020

सपने मार्गदर्शक हैं अपने
मनुष्य गहरी नींद में सूक्ष्माकार होकर अपने भूत और भविष्य से संपर्क स्थापित करता है। यही संपर्क स्वप्न का कारण और स्वप्न का माध्यम बनता है। स्वप्न के मूल में हमारे जीवन में घटित घटनाएं होती हैं। सभी प्राणियों में मनुष्य ही एकमात्र ऐसा प्राणी है जो स्वप्न देरव सकता है । जानते हैं इन सपनों का रहस्य इस आलेख से।
विजय कुमार सिंह

जागृतवस्था में देखे, सुने एवं अनुभूत प्रसंगों की पुनरावृत्ति, । सुषप्तावस्था में मनुष्य को किसी न किसी रूप में एवं कभी-कभी बिना किसी प्रारंभ के, शुभ और अशुभ स्वप्न के रूप में दिग्दर्शित होती है। माना जाता है कि रात्रि के प्रथम प्रहर में यदि स्वप्न दिखाई दे तो उसका फल एक वर्ष में मिलता है। दूसरे प्रहर के स्वप्न का फल छह महीने में, तीसरे प्रहर के स्वप्न का फल तीन माह में और आखिरी चतुर्थ प्रहर व ब्रह्म मुहुर्त में देखे गए स्वप्न का फल एक माह में मिलता है। सूर्योदय के समय देखे गए स्वप्न का फल कुछ ही घंटों में मिल जाता है।

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