कश्मीर और कश्मीरी पंडित
Samay Patrika|July 2020
कश्मीर और कश्मीरी पंडित
बसने और बिखरने के 1500 साल
अशोक कुमार पांडेय

कश्मीर एक पहेली है तो कश्मीरी पंडित पहेली के भीतर की पहेली। जिसे हम भारत की मुख्यधारा कहते हैं, खास तौर पर हिन्दीभाषी समाज, उसके लिए कश्मीरी पंडित का अर्थ है : नब्बे के दशक में कश्मीर घाटी से विस्थापित हिन्दू या इतिहास में सामान्य ज्ञान की किताबों से राजतरंगिणी के लेखक कल्हण या फिर रस सिद्धान्त के व्याख्याकार अभिनव गुप्त। इससे अधिक जानने-समझने की कोशिश कम-से-कम हिन्दी समाज में मुझे नहीं दिखी है। यह किताब उस पहेली की कुछ गुत्थियों को इतिहास और वर्तमान के स्रोतों से सुलझाने की एक कोशिश का हिस्सा है।

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July 2020