ये ईलूईलू क्या है
ये ईलूईलू क्या है
छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं से परेशान पुलिस विभाग ने पिछले हफ्ते 'आपरेशन मजनू पकड़' नाम से एक खास मुहिम छेड़ी थी. स्कूलकालेज और चौकचौराहों पर सादा वरदी में पुलिस के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी दे रहे थे.
प्रिंस सईद

इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए महिला पुलिस वालों की भी मदद ली गई थी. उन के जिम्मे यह काम था कि वे तितली बन इधर-उधर मंडराती फिरें, ताकि जैसे ही छेड़छाड़ करने वाले आदतन उन्हें छेड़ें, वे उन्हें धर दबोचें.

मुहिम के तहत जिन महिला पुलिस वालों की मदद ली जा रही थी, उन्हें छिड़ने लायक बनाने के लिए हफ्ते में 22 बार ब्यूटी पार्लर ले जाने का इंतजाम भी पुलिस विभाग के जिम्मे था.

इस की सूचना जैसे ही महिला पुलिस वालों को लगी, वे इस काम के लिए फौरन तैयार हो गईं. उन का उतावलापन देख कर मैं इस नतीजे पर पहुंचा कि मां बनने के सुख से ज्यादा मजा शायद छिड़ने के सुख में है.

'आपरेशन मजनू पकड़' के दौरान । पुलिस वालों की मसरूफियत बढ़ गई - थी. हर आधे एक घंटे में किसी मजनू को अपनी गिरफ्त में लिए कोई सिपाही थाने पहुंच रहा था, तो मजनुओं के मातापिता का गिरतेपड़ते थाने पहुंचने और 'लेदे' कर अपने लाल को थाने से बाहर निकालने का सिलसिला भी जारी था.

कल की ही बात है. मेरे सामने एक सिपाही मरियल से एक लड़के को पकड़े थाने पहुंचा और उसे दारोगा के सामने करते हुए बोला, “देखो साहब, इस ने ईयरफोन लगाया हुआ है."

मैं ने देखा, वह हियरिंग एड यानी सुनने की मशीन थी. मैं बोला, "यह तो हियरिंग एड है."

लेकिन दारोगा कहां मेरी मानने वाला था. मुझे झिड़कते हुए बोला, “तुम नहीं - समझोगे. यह ईयरफोन ही है. अपने इंडिया में भी आजकल ऐसे ईयरफोन - बनने लगे हैं, जो दिखते हियरिंग एड - जैसे हैं, लेकिन होते ईयरफोन हैं."

इस के जवाब में मैं कुछ कहने ही जा रहा था कि तभी एक दूसरा सिपाही एक और मजनू को लिए हाजिर हुआ. - आते ही वह बोला, "साहब, इसे ईलूईलू और ओएओए एकसाथ हुआ है."

“अच्छा..." कहते हुए दारोगा उठा - और उठते ही उस नौजवान को एक झापड़ रसीद कर दिया. बाद में पता चला कि वह गूंगा था. उस के मुंह से 'आबू... - आबू' निकला, जो शायद सिपाही को 'ओएओए' या 'ईलूईलू' सुनाई दिया था.

एक सिपाही ने तो हद ही कर दी. उसे कोई और नहीं मिला, तो वह एक बूढ़े को ही पकड़ लाया था. मेरे यह पूछने पर कि इस ने क्या किया है ? वह बोला, “इसे 'ईलूईलू' का बाप हो गया है. लोग तो हाथों में मेहंदी लगाते हैं, यह बालों में मेहंदी चुपड़ कर गर्ल्स कालेज के सामने से गुजर रहा था."

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February Second 2020