दम तोड़ते परिवार

Saras Salil - Hindi|January First 2020

दम तोड़ते परिवार
समाज की सब से अहम इकाई परिवार है और हर साल 15 मई को पूरी दुनिया में 'अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस' मनाया जाता है. पर हमारी शहरी जिंदगी ने लोगों को इतने बड़े सपने दिखा दिए हैं कि उन्हें पूरा करने के लिए वे किसी भी हद तक चले जाते हैं, पर जब वे सपने पूरे नहीं होते हैं या परिवार का ही कोई हमारी पीठ में छुरा घोंपता है, तो नतीजा दर्दनाक भी हो जाता है.
सुनील शर्मा

हाल ही में नोएडा, उत्तर प्रदेश में एक परिवार के फैसले ने सब को हैरान कर दिया. पैसे की तंगी के चलते 33 साल के भरत ने 13 दिसंबर, 2019 को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू मैट्रो स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी.

बात यहीं खत्म नहीं हुई. भरत के इस तरह दुनिया छोड़ने का गम उस की 31 साल की पत्नी शिवरंजनी सहन न कर सकी और अपनी जान देने से पहले उस ने 5 साल की बेटी जयश्रीता को एक कमरे में फांसी लगा कर मार दिया और फिर दूसरे कमरे में आ कर खुद भी फंदे से झूल गई.

चेन्नई के रहने वाले भरत एक चाय कंपनी में जनरल मैनेजर थे और सितंबर महीने में ही नोएडा आए थे.

दिसंबर, 2019 की 3 तारीख को गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में गुलशन वासुदेवा नाम के एक शख्स ने अपने परिवार के साथ खुदकुशी कर ली और इस का जिम्मेदार अपने साढ़ को ठहराया कि उस ने उन्हें पैसों का चूना लगाया था.

गुलशन वासुदेवा ने पहले अपने दोनों बच्चों को मारा. इस के बाद अपनी तथाकथित 2 पत्नियों के साथ 8वीं मंजिल से कूद कर खुदकुशी कर ली.

21 जून, 2019 की रात को दिल्ली के महरौली इलाके के सुरेश अपार्टमैंट में रहने वाले कैमिस्ट्री के ट्यूटर उपेंद्र शुक्ला ने अपनी पत्नी अर्चना शुक्ला के साथ 8 साल की बेटी रान्या, 6 साल के बेटे रौनक व डेढ़ महीने के बेटे राजा की चाकू से गला रेत कर सिर्फ इसलिए हत्या कर दी, क्योंकि घर की माली हालत ठीक नहीं थी.

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