आलिया की मजबूरी
Manohar Kahaniyan|July 2020
आलिया की मजबूरी
शबाना ने आलिया नाम की औरत का सरेराह कत्ल किया था, उस ने आलिया के सीने पर बैठ कर पूरी मैग्जीन खाली कर दी थी, आखिर क्यों...
आर.के. राजू

नाम शबाना. हां, यही नाम है उस का लेकिन 2 बार क्यों?

क्योंकि उस ने भले ही अपराध किया, लेकिन खुलेआम किया. भरे चौराहे पर किया, बिना डरे किया. अपराध कर के भागी भी नहीं. इंतजार करती रही पुलिस का. चौराहे पर एक लाश पड़ी थी, आलिया की लाश, कुछ ही देर पहले शबाना ने आलिया के सीने पर चढ़ कर पूरी पिस्तौल खाली कर दी थी.

उस की लहूलुहान लाश सड़क पर पड़ी थी और शबाना पिस्तौल लहराती लाश के इर्दगिर्द घूम रही श्री. गुस्से में उस के होंठों से गाली या जो भी शब्द निकल रहे थे, वे सब आलिया के लिए थे. यह घटना बीते १ जून की है.

आखिर आलिया थी कौन, जिस से शबाना इतनी नाराज थी कि पिस्तौल की सारी गोलियां उस के सीने में उतार दी. यह जानते हुए भी कि उसे जेल जाना पड़ेगा. सच तो यह है कि उस का क्रोध, उस की नफरत किसी भी सोच पर भारी पड़ गए थे. इतने भारी कि आलिया को मार कर उसे खुद भी मरना पड़ता तो वह खुशीखुशी मर जाती.

अपने अंदर की इस नफरत को शबाना ने एकडेढ़ साल बड़ी शिद्दत से पाला था. यहां तक कि अपने पति और बच्चों तक को पता नहीं चलने दिया.

शबाना घरेलू महिला थी. 5 बच्चों की मां स्वाभाविक सा सवाल यह है कि उस के पास पिस्तौल कहां से आई और उस ने उसे चलाना कैसे सीखा? इस की भी एक अलग कहानी है. शबाना का पति मोहम्मद जफर ट्रांसपोर्टर था. कभीकभी वह खुद भी ट्रक ले कर बाहर चला जाता था.

घटना से 8-9 महीने पहले एक बार जब वह कई दिन बाद घर लौटा तो शबाना ने उसे बताया कि रात में चोरी करने की कोशिश की गई थी, 3-4 लोग थे हथियारों से लैस. मैं तो बुरी तरह डर गई थी. मुझे डर अपना नहीं बच्चों का था. गनीमत रही कि मुझे जागता देख वे लोग भाग गए.

'थाने में रिपोर्ट लिखाई? जफर ने पूछा तो शबाना बोली, रिपोर्ट तो तब लिखाती जब कुछ चोरी गया होता. पुलिस वाले उल्लटा मुझ से ही दसों तरह के सवाल पूछते.

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