शक की फांस बनी नासूर
Manohar Kahaniyan|July 2020
शक की फांस बनी नासूर
शकरूपी फांस बड़ी ही खतरनाक होती है. अगर समय रहते इस का समाधान न किया जाए तो यह हंसतीखेलती गृहस्थी को तबाह कर देती है. सिपाही शालू गिरि का पति राहुल अगर इस बात को समझ जाता तो शालू को यह खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर न होना पड़ता...
सुरेशचंद्र मिश्र

उस दिन जून 2020 की 2 तारीख थी. सुबह के 8 बज रहे थे. औरैया जिले की विधूना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला अपने कक्ष में आ कर बैठे ही थे कि उन के फोन पर काल आई. उन्होंने काल रिसीव की और बोले, मैं विधूना कोतवाली से इंसपेक्टर वी.के. शुक्ला बोल रहा हूं. बताइए, आप ने फोन क्यों किया?

जय हिंद सर, मैं लखनऊ के कैसर बाग थाने से सिपाही सपना गिरि बोल रही हूं मुझे आप की मदद चाहिए.

कैसी मदद ? बताइए, मैं आप की हरसंभव मदद को तैयार हूं. इंसपेक्टर विनोद कुमार शुक्ला ने आश्वासन दिया.

सर, आप के थाने में हमारी छोटी बहन शालू गिरि सिपाही पद पर तैनात है. बीती रात 11 बजे हमारी उस से बात हुई थी. तब वह परेशान लग रही थी और बहकीबहकी बातें कर रही थी. तब मैं ने उसे समझाया था और सो जाने को कहा था, आज मैं सुबह से उस का फोन ट्राई कर रही हूं. लेकिन वह फोन उठा ही नहीं रही है. सर, किसी तरह आप उस से मेरी बात करा दीजिए.

ठीक है सपना, मैं जल्द ही शालू से तुम्हारी बात कराता हूं. श्री शुक्ला ने सपना को आश्वस्त किया.

शालू गिरि नई रंगरूट महिला सिपाही थी. उस की तैनाती 5 महीने पहले ही विधूना थाने में हुई थी. वह तेजतर्रार थी और मुस्तैदी से ड्यूटी करती थी.

बीती रात 8 बजे वह ड्यूटी समाप्त कर अपने रूम पर गई थी.

इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ल ने शालू से बात करने के लिए कई बार उसे फोन किया, लेकिन वह काल रिसीव ही नहीं कर रही थी. अतः उन की चिंता बढ़ गई.

उन्होंने थाने में तैनात दूसरी महिला सिपाही जीतू कुमारी को बुलाया और पूछा, क्या तुम्हें पता है कि शालू गिरि कहां रहती है?

हां सर, पता है. वह विधूना कस्बे के किशोरगंज मोहल्ले में तरुण सिंह के मकान में किराए पर रहती है.

तुम किसी सिपाही के साथ उस के रूम पर जा कर देखो कि वह फोन रिसीव क्यों नहीं कर रही है. कहीं वह बीमार तो नहीं है ? इंसपेक्टर शुक्ला ने कहा.

ठीक है, सर. कह कर जीतू कुमारी सिपाही अजय सिंह के साथ शालू के रूम पर पहुंची. उस के रूम का दरवाजा अंदर से बंद था और कूलर चल रहा था. कमरे के अंदर की लाइट भी जल रही थी.

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