एक सितारे का शिकार
Manohar Kahaniyan|July 2020
एक सितारे का शिकार
सुशांत राजपूत उस फिल्मी दुनिया का हिस्सा थे, जहां सपने बेचे भी जाते हैं और खरीदे भी जाते हैं. लेकिन सुशांत को न तो खरीदना आता था न बेचना. उन्हें तो केवल अभिनय आता था जिस के सहारे वह शिखर तक पहुंचे. इतनी ऊंचाई पर जा कर आखिर...
पुष्कर पुष्प

खुली आंखों से सपने देखना, उन्हें आंखों में पालना जितना आसान है, उन में हकीकत के रंग भरना उतना ही मुश्किल है. खासकर मुंबई जैसी मायानगरी में, जहां सपनों का कारोबार होता है. इस माया नगरी में सपने बेचे जाते हैं, खारीदे जाते हैं और कुचले भी जाते हैं. सपने ही नहीं, सपने देखने वाले भी.

सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी संभवतः यही हुआ है. पटना से दिल्ली और दिल्ली से मुंबई की दौड़ लगाना फिर अपने संघर्ष और मेहनत से स्वजनगरी के धरातल पर अपने हिस्से की जमीन तलाशना और अपने पैरों पर खड़े हो जाना आसान बात नहीं थी लेकिन सुशांत ने ऐसा किया. वह ऐसे कतई नहीं थे कि उन की सफलता से किसी को जलन हो.

बाहर से आए प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ ऐसा होता भी नहीं है, क्योंकि उन्हें प्लेटफार्म देने वालों को लगता है कि कालांतर में वे उन के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हो सकते हैं, लेकिन पैर जमाने के बाद उन कलाकारों के तेवर तीखे हो जाते हैं, होने भी चाहिए. लेकिन सुशांत के साथ ऐसा कुछ नहीं था.

सुंदर, स्मार्ट, कर्जा से भरपूर और होंठों पर भावभीनी मुसकराहट समेटे रहने वाले सुशांत को 2009 में पहला ब्रेक एकता कपूर ने दिया था 'पवित्र रिश्ता' में, यह सीरियल जी टीवी पर जून 2009 से शुरू हो कर अक्तूबर, 2014 तक चला. इस सीरियल के चलते सुशांत की नजदीकियां अपनी को स्टार अंकिता लोखंडे से बढ़ गई थी. दोनों ने 6 साल तक एकदूसरे को डेट किया, फिर कुछ मतभेदों की वजह से दोनों का ब्रेकअप हो गया.

'पवित्र रिश्ता' तमिल में बने सीरियल 'तिरुपति सेलवम' का रीमेक था. एकता कपूर ने जब सुशांत का औडीशन लिया तो उन की मुसकराहट को देखा एकता को लगा कि 'पवित्र रिश्ता' के करेक्टर मानव के लिए इस से अच्छा कोई और कलाकार नहीं हो सकता. ऐसा ही हुआ भी, साथ ही इस सीरियन से सुशांत को स्टारडम भी मिल गया.

इसी बीच सुशांत को स्टारप्लस का एक और सीरियल मिल गया था 'किस देश में है मेरा दिल', इस में सुशांत ने मार्च 2008 से फरवरी 2010 तक काम किया, इसी दौरान सुशांत ने रियल्टी शो 'जरा नच के दिखा' में भी पार्टिसिपेट किया. इस के लिए उन्होंने श्यामक डावर के इंस्टीट्यूट में डांस सीखा था. यहां तक आतेआते आर्थिक रूप से सुशांत की स्थिति मजबूत हो गई थी. वह लोगों का पसंदीदा चेहरा तो बन ही गए थे.

अगर किसी खूबसूरत पेंटिंग के रंग निकाल दिए जाएं तो पीछे बचेगा बदरंग, धब्बेदारकैनवास कुछ ऐसी ही हालत है सपनों की नगरी मुंबई की. जो बाहर से देखने में बेहद आकर्षक, गुलजार और स्वप्नमयी नजर आती है, लेकिन इस के पीछे छिपी बदसूरती तब अचानक उजागरहोती है, जब किसी के सपनों, अरमानों और प्रतिभा के रंग खुरचखुरच कर मटियामेट कर दिए जाते हैं. सुशांत के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ.

सुशांत की प्रतिभा और पर्सनैलिटी की वजह से उन्हें यशराज फिल्म्स की ओर से फिल्म औरंगजेब' के लिए औफर मिला था. सुशांत उस समय सीरियल में काम कर रहे थे, उन्होंने 'औरंगजेब' का औफर इसलिए ठुकराया क्योंकि उन्हें छोटे भाई का रोल मिल रहा था. अर्जुन कपूर स्वरा भास्कर, ऋषि कपूर, जैकी श्रीफ, दीप्ति नवल और अनुपम कपूर अभिनीत यह फिल्म 17 मई, 2013 को रिलीज हुई.22 करोड़ में बनी इस फिल्म का बौक्स ऑफिस कलेक्शन 35 करोड़ रहा.

मिल गई सफलता की सीढ़ियां

फिल्मों में सुशांत को पहला ब्रेक दिया था अभिषेक कपूर ने फिल्म थी 'काई पोचे', जो चेतन भगत के उपन्यास श्नी मिस्टेक्स औफ माइ लाइफ पर बनी थी. 25 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने बौक्स ऑफिस पर 92 करोड़ रुपए कमाए. इस फिल्म के लिए सुशांत को स्क्रीन अवार्ड शो में बेस्ट डेव्यूका अवार्ड मिला था.

इस के बाद सुशांत ने यशराज बैनर की फिल्म की शुद्ध देसी रोमांस', जिस के निर्देशक थे मनीष शर्मा इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म में यशराज फिल्म्स ने नई हीरोइन वाणी कपूर को लौच किया था. साथ में परिणीति चोपड़ा और ऋषि कपूर भी थे.

सितंबर, 2013 में सिल्वर स्क्रीन पर उतरी 22 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म ने बौक्स औफिस पर 76 करोड़ रुपए की कमाई की, जो सुशांत जैसे नए एक्टर के लिए काफी थी. यहीं से सुशांत को मायानगरी में अपने हिस्से की जमीन मिलनी शुरू हो गई. सपने भी सच होते दिख. सुशांत सिंह की अगली उड़ान इस से भी ऊंची थी. नीरज पांडे क्रिकेट स्टार महेंद्र सिंह धोनी के जीवन और संघर्ष पर बायोपिक बनाना चाहते थे.

उन्होंने धोनी के किरदार के लिए सुशांत को चुना. फिल्म का हिस्सा बनने के लिए सुशांत ने अपने किरदार को बखूबी निभाने के लिए डेढ़ साल तक नेट प्रैक्टिस की ताकि परदे पर वह धोनी जैसे लग सकें. एक सच्चे कलाकार के लिए यह जरूरी था.

फिल्म 'एम.एस.धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' का बजट 104 करोड़ रुपए था. बौक्स औफिस पर इस बायोपिक ने 216 करोड़ रुपए की कमाई की.

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