आखिर मिल ही गए गुनहगार
आखिर मिल ही गए गुनहगार
सेना की अंगरेज औफिसर लड़की की हत्या का मामला बहुत उलझा हुआ था. जब थाना पुलिस इस केस को किसी मुकाम तक नहीं पहुंचा सकी तो जांच का काम स्पैशल स्टाफ को दे दिया गया. स्पैशल स्टाफ के अंगरेज इंसपेक्टर ने जब हिंदुस्तानी अफसर के साथ मिल कर जांच की तो...
अहमद यार खान

घटना दिल्ली के एक थाने की थी, जो मुझ पर थोपी गई थी, जबकि वहां का थानेदार पहले ही जांच कर रहा था. मुझे आदेश मिला कि 2 सप्ताह में पुलिस हैडक्वार्टर पहुंचो, वहां का एक पुलिस इंसपेक्टर जांच में तुम्हारा साथ देगा. दोनों को एक एंग्लोइंडियन लड़की की हत्या की जांच करनी है. वह विश्वयुद्ध का समय था. अंगरेजों का फौजी हैडक्वार्टर और एयर हैडक्वार्टर दिल्ली में ही थे. इस केस का संबंध सेना से था, जो मेरे लिए एक नया अनुभव था.

दिल्ली में एक एंग्लोइंडियन लड़की की हत्या हुई थी. थाना पुलिस ने जांच की, लेकिन 2 सप्ताह बीतने पर भी हत्यारे का पता नहीं लगा. अंगरेज सरकार में वायसराय के औफिस ने इस केस की जांच थाने से हटा कर स्पैशल स्टाफ को दे दी थी और हत्यारे का शीघ्र पता लगा कर अदालत में पेश करने का आदेश दिया था.

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January 2020