अदम्य जिजीविषा की कहानियां
Kadambini|May 2020
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अदम्य जिजीविषा की कहानियां
जीवन चलते-चलते जैसे अचानक ठहर-सा गया है। चारों तरफ डर का माहौल है। अपनों के साथ होते हए भी अपनों से दूर होने का डर। इस डर को जितना भगाओ, उतना ही यह और करीब आता जाता है।

यह डर है कि मानता ही नहीं। इस बाहर के डर ने इनसान को बहुत भीतर तक डरा दिया है। ऐसा नहीं है कि इनसान का डर से पहली बार साबका पड़ा हो। समय-समय पर डर अलग-अलग रूप में हमारे सामने आता रहा है। कभी अकेले तो कभी युद्ध के रूप में। कभी महामारी के रूप में तो कभी प्रलय के रूप में। सब कुछ लील जाने को तैयार। इस कथा बार डर 'कोरोना' वायरस के रूप में सामने आया है। पूरी दुनिया इस वायरस की गिरफ्त में है। इनसानी जिंदगी रोज आंकड़ों के रूप में धीरे-धीरे कम होती जा रही है। यह संख्या कहां जाकर रुकेगी, कोई नहीं जानता। फिलहाल गिनती जारी है...

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May 2020