खुशियां बांटना
Champak - Hindi|October Second 2020
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खुशियां बांटना
ओजस और उस के साथी इस साल दशहरा के बारे में सोच रहे थे कि आखिर दशहरा कैसे मनाया जाए?
ललित शौर्य

कोरोना वायरस महामारी के कारण उन का बाहर निकलना मुश्किल हो गया था, सोशल डिस्टेंसिंग के कारण बड़े समारोहों को मनाने की अनुमति नहीं थी, न ही इस बार रावण का पुतला बनाया और जलाया जा सकता था. हर वर्ष ओजस और उस की टीम रावण का पुतला जला कर दशहरा मनाती थी. जाए, मेरी कुछ समझ में

"इस साल क्या किया नहीं आ रहा है, क्या तुम लोगों के पास कोई आइडिया है,” ओजस ने अपने दोस्तों से वीडियो कौल कर के पूछा.

"हम त्योहार के दौरान घर पर नहीं बैठ सकते, हर वर्ष हम ने दशहरा धूमधाम से मनाया है,” सावन ने कहा.

"सावन ठीक कह रहा है, हमें कुछ तो सोचना पड़ेगा. मास्क पहन कर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हम त्योहार मना सकते हैं," चंदन बोला.

"लेकिन हम रावण का पुतला कैसे बनाएंगे? इस के लिए तो 2-3 दिन का समय लगेगा. हम आखिर ऐसा कैसे कर सकते हैं. इस बार हमें कुछ और सोचना होगा,” सावन ने कहा.

"हम सब इस बारे में सोचते हैं और शाम को बात करते हैं,” ओजस बोला और उस ने वीडियो कौल काट दी.

ओजस अभी भी इस बारे में सोच रहा था. दादाजी ने उसे देखा और पूछा, “क्या बात है ओजस? किस सोच में डूबे हो?"

“दादाजी, कुछ नहीं. बस ऐसे ही मैं विचारों में खो गया था," ओजस बोला.

"अरे, बताओ भी. कुछ तो सोच रहे हो,' दादाजी ने पूछते हुए कहा.

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