दोस्ती का उपहार
Champak - Hindi|October Second 2020
दोस्ती का उपहार
रीमा को टिया बिलकुल भी पसंद नहीं थी, क्योंकि ने स्कूल में अभी दाखिला लिया था और आते ही वह सारी टीचर्स की चहेती बन गई. और तो और उस की सहेलियां तक टिया ने अपनी उस ने बना लीं.
आशा शर्मा

जानती हूं कि टिया पढ़ाई लिखाई में बहुत अच्छी है और ड्राइंग भी ठीकठाक बना लेती है, लेकिन इस का मतलब यह तो नहीं कि सब मुझे अनदेखा कर टिया के दोस्त बन जाएं, रीमा मन ही मन सोचती और कुढ़ती रहती.

सिर्फ स्कूल ही नहीं, अब तो टिया उस की कालौनी में भी रहने आ गई थी. दरअसल, रीमा और टिया के पापा एक ही औफिस में काम करते थे. इसलिए उन्हें एक ही कालौनी में घर मिले हुए थे.

हर रोज रीमा की मम्मी उसे टिया के साथ खेलने और स्कूल जाने को कहती, जो रीमा को बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता.

मां अकसर रीमा से पूछतीं कि नवरात्रि उत्सव में टिया को भी साथ ले जाना, क्योंकि नवरात्रि का त्योहार कालौनी में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता था.

कालौनी के सैंट्रल पार्क में 9 दिन तक कालौनीवासियों द्वारा गरबा नृत्य का आयोजन किया जाता था. रीमा का उत्साह तो नवरात्रि के 8वें दिन होने वाले कन्यापूजन को ले कर था.

“अहा, दशहरा का त्योहार बहुत मजेदार है. मुझे स्वादिष्ट भोजन और उस दिन मिलने वाले उपहार बहुत पसंद हैं, मेरी सभी चाचियां अदभुत उपहार जैसे टिफिन बौक्स, रूमाल, हेयर पिन आदि 8वें दिन देंगी,” रीमा ने बताया.

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