लगी अकल ठिकाने
Champak - Hindi|October Second 2020
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लगी अकल ठिकाने
पिछले दो सप्ताह से मेंढक, खरगोश और गधा सार्वजनिक रूप से जोर से चिल्ला कर घोषणा कर रहे थे. “सुनो, सुनो, वनवासी भाइयो और बहनो, जरा ध्यान से सुनो. सारे जंगल में कोरोना वायरस महामारी फैली हुई है.
डा. अमिताभ शंकर राय चौधरी

आप लोग बिना वजह अपने घरों से बाहर न निकलें, जब जरूरी हो तभी बाहर निकलें. घर से बाहर निकलते समय चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं और बारबार अपने हाथ साबुन से धोएं."

घोषणा सुनते हुए रिची भालू नीले रंग के कपड़े का मुखौटा लगाए अपनी गुफा से बाहर निकल आया.उस ने देखा, दूर पेड़ के नीचे रोबी खरगोश मास्क लगा कर अपने बिल के पास खड़ा था. रिची ने कहा, , "रोबी देखो, मनुष्य यहां अपनी कार में बैठ कर घूमने आते हैं और बचा हुआ खाना तथा प्लास्टिक की बोतल वगैरा यहां फेंक देते हैं. उन्हीं से जंगल में यह कोरोना वायरस फैला है."

"हम उन के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से लाचार हैं, वे असली अपराधी हैं. इस महामारी को उन्हीं लोगों ने यहां फैलाया है,” रोबी ने दूर से ही जवाब दिया.

रिची कुछ कह पाता इतने में उस ने देखा बिना मास्क लगाए प्रैडी और रौक्सी लोमड़ फर्राटे से बाइक चलाते हुए चले आ रहे थे और गा रहे थेः

"हम वही करेंगे, जो हमें पसंद है, हम अपने मुंह को नहीं ढकेंगे.

करें जिसे जो कुछ है करना, नहीं किसी से हम को डरना."

उन्होंने बाइक का साइलैंसर भी निकाल दिया था. जिस से सारे जंगल में भयंकर शोर हो रहा था.

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