ऐसी गलती न करना
Champak - Hindi|October First 2020
ऐसी गलती न करना
देवांश ने अपना मोबाइल उठाया और मैसेज खोला, 'फिर पढ़ना शुरू किया :
ओमप्रकाश क्षत्रिय 'प्रकाश'

“प्रिय देवांश,

"आप जीवन में हमेशा खुश रहो.

"बेटा, आप ने जो मैसेज मुझे भेजा, मैं ने उसे पढ़ा. यह एक फौरवर्ड मैसेज है, जिस में कहा गया है कि यदि आप अपनी परीक्षा में पास होना चाहते हैं तो इस मैसेज को 40 लोगों को भेजो अन्यथा आप के साथ बुरा होगा और आप फेल हो जाओगे.

“मैं आप के साथ कुछ शेयर करना चाहती हूं और आशा करती हूं कि आप इसे हमेशा याद रखेंगे. यह उस वक्त की बात है जब मैं कक्षा 8वीं में पढ़ती थी. उस वक्त हमारे विद्यालय में भी ऐसा ही पत्र आया था, पूरी कक्षा के बच्चों को पत्र मिला था. मुझे भी पत्र मिला . उसे पढ़ कर मैं घबरा गई थी. मैं इधरउधर देखने लगी. मुझे समझ में नहीं आया कि में क्या करूं? उसी वक्त हमारे गुरुजी क्लास में आ गए. वे बहुत विद्वान थे. विज्ञान के जानकार थे. उन्होंने जब मुझे घबराए हुए देखा तो पूछा, 'क्यों गौतमी, क्या हुआ? तुम इतनी घबराई हुई क्यों हो.'

"तब मैं ने उन्हें वह पत्र दे दिया. उस पत्र को पढ़ कर वे हंसे और बोले, 'इस से परेशान मत हो. इस का हल मेरे पास है. मैं तुम्हें एक दूसरा पत्र देता हूं. वह इस पत्र के प्रभाव को कम कर देगा.'

"क्या यह सही है गुरुजी? ऐसा हो सकता है?'

“'हां, क्यों नहीं,' गुरूजी ने कहा. 'मगर उस के लिए आप को नियमों का पालन करना होगा.'

"मैं बहुत घबराई हुई थी, क्योंकि दूसरे दिन गणित की परीक्षा थी. मुझे बहुत तैयारी करनी थी. मेरे पास इतना समय नहीं था कि मैं हाथ से पत्र लिख कर सभी छात्रों को बांट सकू. यदि मैं ऐसा करती तो मुझे परीक्षा की तैयारी का समय नहीं मिलता. इस कारण मैं ज्यादा घबराई हुई थी.

“यदि मैं इस पत्र में लिखे निर्देशों को नहीं मानती तो कुछ बुरा होने की आशंका थी. समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं? तभी गुरूजी ने आ कर मेरी मदद की. डूबते के लिए तिनके का सहारा बहुत होता है. मुझे यह सहारा मिल गया था.

“मुझे लगा कि गुरुजी ने मुझे आशंका से बचा लिया. इसलिए मैं ने झट से कहा, 'क्या नियम हैं गुरूजी, मैं हर समय मानने को तैयार हूं. आप मुझे इस इस संकट से बचा लीजिए, नहीं तो कुछ बुरा हो जाएगा.'

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories, newspapers and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

October First 2020