हुनर बोलता है
Champak - Hindi|September Second 2020
हुनर बोलता है
राहुल और रियान अपने पेरेंट्स के साथ एक छोटे से शहर में रहते थे. बड़ा भाई राहुल शहर के एक नामी स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ता था जबकि 7 वर्षीय रियान एक स्पैशल स्कूल में पढ़ता था.
डा. के. रानी

रियान बोल और सुन नहीं सकता था, लेकिन उसे देख कर कोई नहीं कह सकता था कि रियान में यह कमी है. उन के पेरेंट्स टीना और पवन दोनों बच्चों से बहुत प्यार करते थे. उन्होंने रियान को उस की इस कमी का जरा भी एहसास नहीं होने दिया. रियान सबकुछ इशारों से समझता था. वे उसे अपने तरीके से लिखनापढ़ना सिखा रहे थे. अब वह इशारों की भाषा भी समझने लगा था. उन्होंने उस का एडमिशन एक विशेष स्कूल में कर दिया.

राहुल और रियान रोज सुबह स्कूल बहुत खुश होते. जाते. वे स्कूल जाने से कभी जी नहीं चुराते थे. स्कूल में अपने दोस्तों से मिल कर वे टीना को उन से कोई शिकायत नहीं थी. अचानक कोरोना वायरस महामारी के चलते सभी स्कूल बंद हो गए और लौकडाउन के कारण बच्चों को घर पर ही रहना पड़ रहा था. वे अपने दोस्तों से मिल भी नहीं सकते थे.

राहुल अपना अधिकांश समय मोबाइल पर गेम खेल कर और अपने दोस्तों के साथ बातें करते हुए बिताता था, लेकिन रियान स्कूल न जाने से काफी परेशान था. मां उन्हें गेम खेलने के लिए मोबाइल नहीं देती थीं. वे रियान से इशारों में बातें करती रहतीं. टीना ने महसूस किया कि सारा दिन घर पर रहना रियान के लिए मुश्किल हो रहा था. वे रियान को महामारी के बारे में विस्तार से बताने में असमर्थ थीं. उन्होंने किसी तरह उसे समझाया कि संक्रामक बीमारी के कारण स्कूल बंद हैं और कोई भी घर से बाहर नहीं निकल सकता.

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