द किंग औफ आर्ट
Champak - Hindi|September First 2020
द किंग औफ आर्ट
ब्लैकी भालू को पेंटिंग का बहुत शौक था. वह अकसर खाली समय में कागज पर कुछ न कुछ चित्र बनाता रहता था. वह स्कूल में जब भी समय मिलता, ड्राइंग बनानी शुरू कर देता था जिस कारण उसे अपनी अध्यापिका से डांट सुननी पड़ती थी.
दीप्ति सिंह

ब्लैकी को प्रकृति के चित्र बनाने काफी पसंद थे, वह उगते सूरज, बर्फ से लदे पहाड़, रंगबिरंगे फूल, पेड़पौधे आदि बनाने में रुचि रखता था.

लेकिन ऐसे चित्र बनाने के लिए उसे अच्छे रंगों तथा ब्रश की जरूरत पड़ती थी, पर जब भी वह रंगों की मांग अपने मम्मीपापा से करता तो वे यह कह कर टाल देते कि ये तुम्हारे पढ़नेलिखने के दिन हैं. इसलिए अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो.

स्कूल में भी सभी बच्चे अपनी पढ़ाई में इतने व्यस्त रहते कि ब्लैकी की ड्राइंग को न तो कोई देखता था और न ही उस पर खास ध्यान देता था.

ब्लैकी अपने इस शौक को अकसर अलगअलग चित्र बना कर पूरा करता था. चंपकवन में बरगद के पेड़ की शाखा पर सब बैठते थे. ब्लैकी भी उस की छाया में बैठ कर चित्र बनाता था.

ब्लैकी जब भी उदास होता, तो वह बरगद की छाया में बैठ कर अपनी ड्राइंग की कौपी ले जा कर ड्राइंग बनाता था.

बरगद का पेड़ ब्लैकी को ड्राइंग बनाता देख बेहद खुश होता.

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