नए वाले मास्टरजी
Champak - Hindi|September First 2020
नए वाले मास्टरजी
बोनी सिंह कुछ दिन पहले ही जंगल का नया युवराज घोषित हुआ था. एक दिन उस ने अपने राज्य में शिक्षा की स्थिति जानने के लिए जंगल की सैर करने का फैसला किया. उस ने भूरे रंग की दाढ़ीमूंछ लगा रखी थी ताकि कोई उसे पहचान न सके. वह एक छड़ी का सहारा ले कर बूढ़े शेर की तरह धीरेधीरे चल रहा था.
आशा शर्मा

जंगल में उसे जगहजगह जानवरों के छोटेबड़े बच्चे खेलते और शैतानी करते दिखाई दिए. कुछ बच्चों ने तो उस की छड़ी भी छीनने की कोशिश की. यह सब देख कर बोनी सन्न रह गया.

“क्या बात है, क्या हमारे जंगल के बच्चे स्कूल नहीं जाते? बच्चे पढ़नेलिखने के बजाय शरारतें क्यों कर रहे हैं? बच्चों में नैतिक शिक्षा का तो नामोनिशान नहीं है," युवराज सोचने लगा. वह महल में गया और जंगल में शिक्षा के बारे में जानने के लिए शिक्षामंत्री जैकी जैकाल को बुलाया.

"हमारे पास जंगल में स्कूल तो है युवराज, लेकिन उस में कोई टीचर टिकता ही नहीं है, हम ने बहुत कोशिश की. अच्छी तनख्वाह देने के बाद भी कोई टीचर हफ्तेदस दिन से अधिक नहीं रुका. वह रुक कर करता भी क्या? क्योंकि बच्चे तो पढ़ना ही नहीं चाहते. इसलिए हमें मजबूरन स्कूल बंद करना पड़ा," जैकी ने बताया तो युवराज सोच में पड़ गया और उन्होंने ने पुराने अध्यापकों से बात की तो लगभग सभी ने कहा, “क्या करें? बच्चे पढ़ना ही नहीं चाहते."

"बच्चों की पढ़ाई में रुचि न होने का क्या कारण हो सकता है?' बोनी विचार करने लगा. उस ने इस मामले की तह तक जाने की कोशिश की.

दूसरे दिन युवराज ने अपने स्कूली दोस्त चार्ली चीते को बुलाया. चार्ली हाल ही में बाल मनोविज्ञान की पढ़ाई के साथसाथ बच्चों को पढ़ाने का भी प्रशिक्षण ले कर आया था. बोनी ने जंगल के जानवरों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी चार्ली को सौंप दी.

चार्ली ने स्कूल का ताला खुलवाया और साफसफाई करवा कर स्कूल शुरू कर लिया. चिंकी बिल्ली को भी सहायक के रूप में रखा गया.

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