पपीता उत्पादन में नई तकनीक
Farm and Food|October First 2020
पपीता उत्पादन में नई तकनीक
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ के जैव प्रोद्यौगिकी विभाग में पपीते के पौधों को ले कर शोध किया जा रहा है, जिस से पपीते के पौधे के पनपते अथवा पहली अवस्था में ही पता चल जाएगा कि पौधा नर है या मादा.
भानु प्रकाश राणा

पपीते की उन्नत खेती के लिए यह शोध के काम के लिए सरकार द्वारा भी मदद की जा रही है, जिस से इन का सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और पपीते की खेती से अधिक उत्पादन कर आमदनी को बढ़ाने में मदद मिलेगी.

पपीते की खेती में यदि नर पौधों की संख्या ज्यादा निकल जाए, तो किसानों को लाभ के बजाय नुकसान उठाना पड़ता है, क्योंकि खेत में पौधों के बड़े होने तक काफी मात्रा में खाद, पानी और निराईगुड़ाई हो गई होती है. इस से बचने के लिए यदि किसानों को पौधे के पनपने की पहली अवस्था में पता लग जाएगा कि पौधे नर हैं अथवा मादा, तो किसान अधिक से अधिक संख्या में मादा पौधे लगा सकेंगे

टिश्यू कल्चर विभाग के प्रोफैसर राकेश सिंह सेंगर ने बताया कि शोध लगभग अंतिम चरण में चल रहा है. कृषि विज्ञान की दुनिया में यह शोध बेहद अहम होगा.

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