खेतीबारी में कृषि शिक्षा की महत्ता समझने की जरूरत
Farm and Food|September Second 2020
खेतीबारी में कृषि शिक्षा की महत्ता समझने की जरूरत
विश्व में खाद्यान्न संकट पैदा होने की आहट के बीच और वायरसरूपी हमले के मद्देनजर कृषि प्रधान देश भारत की खेतीबारी पर भी असर पड़ना तय है. अब तो ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि क्या हम कृषि प्रधान देश नहीं रहे.
एसए जैदी

भारत कृषि प्रधान देश है या नहीं रहा, इसे 2 तरह से देखे जाने की जरूरत है. जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद में अब कृषि की हिस्सेदारी बहुत कम रह गई है और अगर यही हालात रहे, तो अगले 15 सालों में भारत की जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी और भी कम हो जाएगी. ऐसे में आय के नजरिए से देखा जाए, तो अब भारत कृषि प्रधान नहीं रह गया है, लेकिन यह पूरी तरह से सही नहीं है, क्योंकि खेतीबारी पर निर्भर आबादी की नजर से देखा जाए तो हम अभी भी कृषि प्रधान देश हैं.

साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, लगभग 55 फीसदी श्रम शक्ति यानी वर्क फोर्स खेतीबारी पर निर्भर है. खेतीबारी पर निर्भर आबादी तो 65-70 फीसदी होगी और एनएसएसओ के मुताबिक, साल 2011 में 49 फीसदी श्रम शक्ति खेतीबारी पर निर्भर थी और अब भी लगभग 44 फीसदी श्रम शक्ति खेतीबारी पर निर्भर है. सीधेसीधे यह कह देना कि 'भारत कृषि प्रधान देश नहीं रहा' सही नहीं है.

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