बेल की खेती
Farm and Food|July First 2020
बेल की खेती
कम पानी वाले इलाकों में खेती करने से सिंचाई में ही काफी पूंजी खर्च हो जाती है, लेकिन ऐसे इलाकों में बेल की खेती आसानी से हो जाती है और बढ़िया मुनाफा भी मिलता है. बेल के पौधों और पेड़ों को काफी कम पानी की जरूरत होती है. इसे हर तरह की मिट्टी में और हर मौसम में उगाया जा सकता है.

ऊसर, बंजर, कंकरीली, खादर और बीहड़ जमीन में इस की खेती की जा सकती है, पर बलुई दोमट मिट्टी इस के लिए बेहतर होती है.

इस के लिए 6-8 पीएच मान चाली जमीन सब से यादा मुनासिब है. 7 डिगरी से 46 डिंगरी सैल्सियस तापमान तक इस की खेती की जा सकती है.

बेल की उन्नत किस्मों में खास हैं, पंत शिबानी, पंत अपर्णा, पंत उर्चशी, पंत सुजाता, सीआईएसएचबी 1, सीआईएसएच बी 2 वगैरह, इन किस्मों के खेल में रेशे और बीज बहुत ही कम होते हैं. इन किस्मों के पेड़ों से प्रति पेड़ हर साल 40 से 60 किलोग्राम तक उपज पाई जाती है.

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July First 2020