टिड्डी दलों का हमला उपाय और बचाव के तरीके
Farm and Food|July First 2020
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टिड्डी दलों का हमला उपाय और बचाव के तरीके
कोरोना वायरस से फैली महामारी का हमला अभी कम भी नहीं हुआ था कि टिड्डी दल के हमले ने कृषि वैज्ञानिकों समेत किसानों को चिंता में डाल दिया है, राजस्थान से मध्य प्रदेश ह्येते हुए उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के हमीरपुर और झांसी में इन के हमले की सूचना मिली है.
डा. शैलेंद्र सिंह

टिड्डी दल में करोड़ों की तादाद में तकरीबन 2 से ह्याई इंच लंबे कौट होते हैं, जो फसलों को कुछ ही घंटों में चट कर जाते हैं. ये कीट सभी तरह के हरे पत्तों पर हमला करते हैं और किसी इलाके में शाम 6 बजे से रात 8 बजे के आसपास पहुंच कर जमीन पर बैठ जाते हैं, वहीं पर रातभर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और फिर सुबह 7 बजे से बजे के आसपास उड़ान भरते हैं.

कृषि वैज्ञानिकों के सुझाव

• टिड्डी दल केवल रात के समय फसलों पर बैठते हैं. इन पर उसी समय मला करने की जरूरत होती है.

• टिड्डी दल जिस जगह पहुंचेगा, वहां मादा कीट जमीन पर अंडे छोड़ देती हैं और वे फिर दोबारा लौटते हैं.

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