Shikhar Varta - November 2019Add to Favorites

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Magazine Description

In this issue

अतिवृष्टि के मुआवज़े पर मध्यप्रदेश में सियासत अतिवृष्टि की मार तो कई राज्य झेल रहे हैं लेकिन मध्यप्रदेश की बात करें तो मुआवजा और बीमा राशि मिलने में देरी से किसानों के पास अगली फसल लगाने तक के लिए पैसे नहीं हैं। सहकारी बैंकों से भी किसानों को खास मदद नहीं मिल पा रही है। किसानों समस्याओं को लेकर विपक्षियों का धरना-प्रदर्शन जारी है। सत्ता की साझेदारी पर घमासान महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर जारी जद्दो-जेहद में अगर बीजेपी-शिव सेना के बीच कोई जुगलबंदी नहीं हो पाती है तो राजनीतिक हलक़ों में एक प्रयास यह भी चल रहा है कि काँग्रेस, एनसीपी एवं अन्य जीते हुए उम्मीदवार मिलकर बीजेपी या शिव सेना में से किसी एक का समर्थन कर सरकार बनाने का प्रयास कर सकते हैं। बहरहाल, राजनीतिक तमाशा अपने शबाब पर है। न्याय के इंतज़ार में भगवान! सर्वोच्च न्यायालय में सबसे लम्बा चला मुक़दमा अब फैसले के इंतज़ार में है। अदालत का फैसला 17 नवंबर को आएगा। दोनों पक्ष दिल थाम कर इसका इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि पूर्व में दोनों ही पक्षों ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला मंज़ूर करने की बात की थी। इस फैसले को लेकर दोनों पक्षों में असमंजस की स्थिति है। अब ऊँट किस करवट बैठेगा, यह देखने वाली बात होगी। पूँजीवाद से क़दमताल करते भारतीय जुलाई 69 में जब प्रमुख बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था तब एक तर्क यह भी था कि निजी बैंकों के फेल होने का खतरा भी रहता है और सरकारी होने के बाद कृषि और ग़रीबों को आर्थिक ऋण सुविधा मिलेंगी और कोई खतरा भी नहीं रहेगा। पर अब तो निजी बैंक ज्Þयादा बेहतर स्थिति में चल रहे हैं और सरकारी बैंक तरह-तरह की जोखिम का शिकार है। सौरभ गांगुली : बीसीसीआई के नए बादशाह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष बन गए। चूंकि क्रिकेट समूचे देश में जुनून की तरह छाया रहता है, सो, सौरव गांगुली और उनकी टीम पर बेहद बारीक नज़र रखी जाएगी, और अगर सौरव बीसीसीआई में प्रभावी और साफ-सुथरा प्रशासन दे पाते हैं, तो उनकी साख बहुत बढ़ेगी।

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