Shikhar Varta - September 2019Add to Favorites

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Magazine Description

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बाढ़ का क़हर! एक हज़ार से अधिक मरने की खबर देश के विभिन्न इलाकों में बाढ़ और तेज बारिश का कहर जारी है। इन क्षेत्रों में मरनेवालों की संख्या 1000 तक जा पहुंची है। प्रभावितों की संख्या लाखों में है तथा हजारों हेक्टेयर में लगी फसल तबाह हो चुकी है। ऐसे में हमें हर स्तर पर पानी संरक्षित करने पर ध्यान देना चाहिए और बाढ़ से बचाव के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। ड्रीम बजट से हवालात तक सारा मामला आई. एन. एक्स. मीडिया को ग़ैर क़ानूनी तरीके से विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड से मंज़ूरी दिलाने को लेकर है। बेटे कार्ति के माध्यम से चिदंबरम ने पैसे लिए, विदेश निवेश प्राप्त किया वहाँ भी अनुमति तो 4 करोड़ के लिए ही थी पर राशि मंगा ली 305 करोड़ रु.। तब कंपनी ने अपने को बचाने के लिए साज़िश की और चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के साथ मिलकर या सहयोग लेकर मामला निपटा लिया। जम्मू-कश्मीर में कानूनी चुनौतियां धारा-370 व 35-ए हटाने के बाद पूरे राज्य में क़ानून व्यवस्था एवं शाँति बनाये रखना प्रशासन के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। इन क़ानूनी चुनौतियों से पार पाने के बाद, अलगाववाद पर लगाम लगे और पुनर्गठित राज्य में निर्वाचित सरकार का केंद्र सरकार से टकराव खत्म हो, तभी केन्द्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य के बहाली की उम्मीद करनी चाहिए। अमित शाह : भारत का सुपर ‘सेनापति’ इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती है कि वर्तमान में अमित शाह राजनीति के चाणक्‍य बनकर सामने आए हैं। बात चाहे पिछले लोकसभा चुनाव की करें या फिर मौजूदा 2019 लोकसभा चुनाव की दोनों में ही इनकी रणनीति काम करती दिखाई दी है जिसका नतीजा भाजपा 300 पार हो गई है। शाह कामचलाऊ प्रवृत्ति में विश्वास नहीं करते। हर फैसले के पीछे कड़ी मशक्कत और रणनीति होती है। परिस्थितियों से पैदा हुआ हास्य यह जो है ज़िंदगी 1984 में टी. वी. पर अपने प्रदर्शन के दौरान इस धारावाहिक ने बहुत प्रसिद्धि पाई। यह एक सिचुएशन कॉमेडी पर आधारित शो था। इसमें संवादों और परिस्थितियों के द्वारा हास्य पैदा किया गया था। इसे हास्य विधा में सिद्धहस्त शरद जोशी ने लिखा था और कुंदन शाह, एस. एस. ओबेरॉय तथा रमन कुमार इसके निर्देशक थे।

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