Shikhar Varta - March 2017Add to Favorites

Get Shikhar Varta along with 5,000+ other magazines & newspapers

Try FREE for 7 days

bookLatest and past issues of 5,000+ magazines & newspapersphoneDigital Access. Cancel Anytime.

1 Year$99.99 $49.99 Save 50%

bookLatest and past issues of 5,000+ magazines & newspapersphoneDigital Access. Cancel Anytime.
(Or)

Get Shikhar Varta

Buy this issue $0.99

bookMarch 2017 issue phoneDigital Access.

Subscription plans are currently unavailable for this magazine. If you are a Magzter GOLD user, you can read all the back issues with your subscription. If you are not a Magzter GOLD user, you can purchase the back issues and read them.

Gift Shikhar Varta

  • Magazine Details
  • In this issue

Magazine Description

In this issue

समय के साथ फीके होते होली के रंग होली भारत का अत्यंत प्राचीन पर्व है, जो होली, होलिका या होलका नाम से मनाया जाता है। वसंत की ऋतु में हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने के कारण इसे बसंतोत्सव और काम-महोत्सव भी कहा गया है। इतिहासकारों का मानना है कि आर्यों में भी इस पर्व का प्रचलन था। उत्तरप्रदेश चुनाव बना मुख्यमंत्री बनाम प्रधानमंत्री पाँच राज्यों में राष्ट्रीय पार्टियों का वजूद दांव पर लगा है वहीं क्षेत्रीय पार्टियों में समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, आम आदमी पार्टी की स्थिति को निर्विकार या निर्विवाद नहीं क़रारा जा सकता। दावे चाहे जैसे किये जाते रहे हों लेकिन हर पार्टी के नेता की जान सांसत में तो है ही। दो बीवियों वाले देश के बहुचर्चित ‘राजनेता’ देश के चुनावी माहौल में बहु पत्नी प्रेम एक बार फिर सुर्खियों में है। भारतीय राजनीति में कई नाम हैं जिन्होंने अपने प्यार की खातिर न केवल अपनों से लोहा लिया, अपितु, उनकी साख और राजनीतिक भविष्य को भी बट्टा लगा। इसका नतीजा भले ही जो भी रहा हो लेकिन इन राजनेताओं ने इसकी कभी परवाह नहीं की। लोक-लुभावन पर भारी मोदी का बजट निर्धारित तिथि से पूर्व प्रस्तुत केन्द्रीय बजट पूरी तरह से ग़रीब, मध्यवर्ग, मध्यम वर्गीय व्यवसायी, किसान, ग्रामीण जनसंख्या के पक्ष में है और इसके विपरीत संपन्नों, बड़े उद्योगपतियों के खिलाफ है। यह बिना किसी प्रकार के वर्ग संघर्ष से ग़रीबों की ओर आय का हस्तांतरण है, इसे बजट की राजनीति कह सकते हैं। अनजान चेहरों की धूम आईपीएल के बॉलर आॅक्शन में कई ऐसे प्लेयर्स को टीमों ने खरीदा जो कल तक अनजान थे। आइए नज़र डालते हैं ऐसे ही अज्ञात अनाम एवं सर्वथा अपरिचित खिलाड़ियों पर जिन्होंने अपनी ज़िंदगी की दुश्वारियों से अथक संघर्ष करते हुए क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान क़ायम की। लैटिन अमरीकी फिल्म में पहला भारतीय सितारा बिहार के लोगों ने हमेशा साबित किया है कि वो किसी भी क्षेत्र में किसी से कम नहीं हैं। बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले प्रभाकर शरण ने हॉलीवुड फिल्म में एंट्री कर एक बार फिर से साबित कर दिया कि बिहारी किसी से कम नहीं हैं। उनके फिल्मी सफर की तुलना किसी रोलर कोस्टर से की जा सकती है।

  • cancel anytimeCancel Anytime [ No Commitments ]
  • digital onlyDigital Only