Shikhar Varta - January 2016Add to Favorites

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Magazine Description

In this issue

रोशनी की चौखट पर मिला अंधेरा म.प्र. ही नहीं, देश के दीगर हिस्सों में भी इस तरह के शिविरों में लोगों की आंखों की रोशनी जाने की घटनाएं पहले भी घट चुकी हैं। अभी ज्Þयादा दिन नहीं बीते हैं, जब हरियाणा और पंजाब में भी ठीक इसी तरह की घटनाओं में कई लोगों को अपनी आंख की रोशनी गंवाना पड़ी थी लेकिन इन हादसों के बाद भी किसी सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। राजनीतिक ड्रामे से आहत आम जनता आज जिस तरह से राजनीतिक पार्टियो ंऔर उनके नेताओं के बीच परस्पर संशय बनता और बढ़ता जा रहा है क्या उससे लोकतंत्र की जड़ें पुख्ता होंगी। संसद आज विभिन्न पार्टियों का अखाड़ा बनकर रह गयी है जब कि उसे नीतियाँ बनाने, बातचीत करने और क़ानून बनाने का रंगमंच होना चाहिए। जलवायु परिवर्तन : चैन्नई के सबक़ चैन्नई आपदा की वजह कम समय में ज्Þयादा बारिश होना तो है ही, जल निकासी के इंतजाम नाकाफी होना भी है। दरअसल औद्योगिक विकास के चलते शहरों के नक्Þशे बड़े हो रहे हैं जो गाँव और ताल-तलैया निगलते जा रहे हैं। इस कारण जहां जल संग्रहण का क्षेत्र कम हो रहा है, वहीं अनियोजित शहरीकरण से बरसाती पानी के रास्ते बंद हो रहे हैं। देश में कोचिंग का फलता-फूलता बाजार संसद के मानसून सत्र में कोचिंग सेंटरों पर नकेल कसने की मांग करते हुए सांसद परेश रावल ने कोंचिंग सेंटरों को ‘एजुकेशनल टेररिज्म’ बताया। यह आंकड़े और सवाल हमारे आंख खोलते हैं कि किस प्रकार देश में कोचिंग का उद्योग फल-फूल रहा है और छात्र आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहे हैं। आईपीएल : दर्शक खींचने की क़वायद चौकों-छक्कों की बौछार और ग्लैमर के तड़के के साथ जब वर्ष 2008 में आई.पी.एल. की शुरूआत हुई, तो एक अलग तरह की क्रिकेट से रूबरू हुए लोग इसके दीवाने हो गये लेकिन कुछ ही साल में आईपीएल के माथे पर मैच फिक्सिंग का कलंक लग गया और परिणाम यह हुआ कि खेल प्रेमी इस विराट आयोजन को संदेह की नज़र से देखने लगे। नसीर की अदाकारी में अनूठी शैली की झलक मशहूर अभिनेता नसीरूद्दीन शाह दुबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में सिनेमा के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट योगदान को लेकर लाईफटाईम एचीवमेंट अवार्ड से नवाजे गए। नसीरुद्दीन शाह ने 40 साल के उल्लेखनीय एवं विविधतापूर्ण कॅरियर में 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है।

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