Rishi Prasad Hindi Magazine - May 2024Add to Favorites

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In this issue

* The nature (path) of action is imponderable
* The Power of the Divine Name, Company of Devotees, and Bhagavat Katha
* What is real well-being?
* Children, do not remain short of stature.
* Purity of heart brings success.
* Measures to excel in examinations and boost memory power
* How to become proficient in learning and education?
* Children are breaking the rules of Brahmacharya at a tender age: Survey
* Schools should hold such sweet discussions that increase wisdom and love for God.
* Discrimination of the witness of the Vital Sheath – Swami AkhandÍnanda
* Who was more charitable?
* Let me never forget You – Saint Pathik Ji
* Chakrasana (wheel pose) cleanses nadis and keeps senility at bay.
* With a saint’s grace, you will attain divine knowledge – Sant NÍmdev Ji
* Living a healthy life without undergoing bypass surgery for three severe blockages – Harish Yadav
* The Vrata that destroys great sins and gives great religious merit.
* Get coolness and many other benefits from mulberries in this scorching heat.
* Remedies for heat-related problems in the summer season
* …Now even the uninitiated ones are also saying

आयुर्वेदिक चिकित्सा का अद्भुत प्रभाव 3 बड़े ब्लॉकेज फिर भी बिना बायपास सर्जरी के तंदुरुस्त

मई २०२२ की बात है। मुझे अचानक सीने में बहुत तेज दर्द हुआ। डॉक्टर ने जाँचें कीं और बोला: \"आपको सीवियर हार्ट-अटैक आया है, हृदय में ब्लॉकेज है।\"

आयुर्वेदिक चिकित्सा का अद्भुत प्रभाव 3 बड़े ब्लॉकेज फिर भी बिना बायपास सर्जरी के तंदुरुस्त

2 mins

महापातकनाशक तथा अगाध पुण्यराशि प्रदायक व्रत

अपरा एकादशी पर विशेष

महापातकनाशक तथा अगाध पुण्यराशि प्रदायक व्रत

2 mins

बड़ा दानी कौन?

...तो व्यक्ति निरहंकार हो के भगवान के स्वरूप में एकाकार हो जायेगा।

बड़ा दानी कौन?

2 mins

प्राणमय कोष साक्षी विवेक

(अंक ३७५ में आपने 'पंचकोष-साक्षी विवेक' के अंतर्गत 'अन्नमय कोष साक्षी विवेक' के बारे में जाना। उसी क्रम में अब आगे...)

प्राणमय कोष साक्षी विवेक

1 min

हृदय की पवित्रता दिलाती सफलता

जिसने अपने जीवन का मूल्य समझा वह चाहे व्यापारी की गद्दी पर हो, चाहे न्यायाधीश की कुर्सी पर हो वह अपने बाहर के सुख और ऐश से ज्यादा अपने हृदय की पवित्रता पर ध्यान देता है।

हृदय की पवित्रता दिलाती सफलता

2 mins

बापूजी के सत्संग-सद्भाव व आयुर्वेद के प्रभाव से हुआ वजन संतुलित

मेरे शरीर में सन् २०१२ में मेद (चरबी) अधिक हो गया था, वजन ७१ किलो था, आलस्य व अतिनिद्रा से भी मैं परेशान था। वजन घटाने के लिए मैंने एलोपैथिक दवाइयाँ शुरू कीं परंतु कोई लाभ नहीं हुआ, उलटे साइड इफेक्ट्स होने लगे तो दवाइयाँ वापस कर दीं।

बापूजी के सत्संग-सद्भाव व आयुर्वेद के प्रभाव से हुआ वजन संतुलित

2 mins

आचार्य कौशिकजी के जन्मदिवस पर आयोजित धर्मसभा में संतों ने किया शंखनाद - पूज्य बापूजी निर्दोष हैं, उनकी शीघ्र रिहाई हो

गौ तीर्थ तुलसी तपोवन गौशाला, वृंदावन में २६ मार्च को आचार्य कौशिकजी महाराज ने अपने जन्मोत्सव को निमित्त बनाकर विशाल संत-सम्मेलन का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य था विश्वहितैषी, राष्ट्रोत्थानकर्ता कर्मयोगी संत पूज्य आशारामजी बापू की शीघ्र रिहाई हेतु संतों द्वारा एकजुट होकर समाज एवं सरकार तक अपनी आवाज पहुँचाना।

आचार्य कौशिकजी के जन्मदिवस पर आयोजित धर्मसभा में संतों ने किया शंखनाद - पूज्य बापूजी निर्दोष हैं, उनकी शीघ्र रिहाई हो

3 mins

पुण्य-संचय व भगवत्प्रीति के लिए सर्वोत्तम मास

वैशाख मास: २३ अप्रैल से २३ मई

पुण्य-संचय व भगवत्प्रीति के लिए सर्वोत्तम मास

2 mins

गर्मी या पित्त संबंधी समस्याओं का बेजोड़ उपाय : सफेद पैठा

सफेद पेठा (भूरा कुम्हड़ा) आयुर्वेद के अनुसार अत्यंत लाभदायी फल, सब्जी तथा अनेकों रोगों में उपयोगी औषधि है। इसका पका फल सर्व दोषों को हरनेवाला है।

गर्मी या पित्त संबंधी समस्याओं का बेजोड़ उपाय : सफेद पैठा

2 mins

... और मुगल साम्राज्य का अंत हो गया

जो दूसरों को परेशान करके राज्य करते हैं अथवा जो दूसरों को परेशान करके मजा लेते हैं उनके लिए कुदरत की क्या-क्या व्यवस्था है ! मुगल शासन था। दो राजकुमार दिल्ली से बाहर जंगल में आखेट (शिकार) करने गये।

... और मुगल साम्राज्य का अंत हो गया

3 mins

कैसे नष्ट हो गया था वल्लभीपुर?

मैंने सुनी है एक कथा कि भावनगर के नजदीक वल्लभीपुर नाम का एक नगर था । एक संत कहीं से घूमते-घामते वहाँ पहुँचे। वहाँ एकांत में उन्होंने अपने ध्यान-भजन की जगह चुनी। उनका शिष्य भिक्षा लेकर आता था।

कैसे नष्ट हो गया था वल्लभीपुर?

1 min

जब हनुमानजी पर छलक पड़े श्रीरामजी

२३ अप्रैल (चैत्र मास की पूर्णिमा) को श्री हनुमानजी का प्राकट्य दिवस है। हनुमानजी अद्भुत शक्ति, निष्ठा और भक्ति के प्रतीक हैं। यह दिवस न केवल भक्ति की महिमा को चिह्नित करता है बल्कि आध्यात्मिक जागृति और आत्मसाक्षात्कार के महत्त्वपूर्ण पहलुओं को भी सामने लाता है।

जब हनुमानजी पर छलक पड़े श्रीरामजी

1 min

मोक्षप्राप्ति का साक्षात् साधन

जिस काल में, जिस देश में और जिस रूप में 'अहं - अहं' का स्फुरण हो रहा है यदि उसी काल, उसी देश और उसी रूप में वही 'अहं' तत्त्वतः परमात्मा न हो तो परमात्मा नाम की किसी वस्तु की सिद्धि, स्थिति या उपलब्धि नहीं हो सकती क्योंकि वह नश्वर, अपूर्ण तथा अप्राप्त होगी।

मोक्षप्राप्ति का साक्षात् साधन

1 min

वास्तविक जीवन

रविदासजी को उनके पिता ने ७ जोड़ी जूते बनाकर दिये। २ रुपये जोड़ी बेचने थे। उन्होंने पिता को १४ रुपये के बदले १२ रुपये दिये।

वास्तविक जीवन

2 mins

अपने जन्म-कर्म को दिव्य कैसे बनायें?

२९ अप्रैल को पूज्य संत श्री आशारामजी बापू का अवतरण दिवस है । आप सभीको इस दिन की खूब - खूब बधाई ! इस पावन पर्व पर जानते हैं जन्म-कर्म को दिव्य बनाने का रहस्य पूज्य बापूजी के सत्संग-वचनामृत से:

अपने जन्म-कर्म को दिव्य कैसे बनायें?

2 mins

संत अपमान से उजड़ा गाँव, जान-माल की हुई भारी तबाही

(पूज्य बापूजी के सत्संग से)

संत अपमान से उजड़ा गाँव, जान-माल की हुई भारी तबाही

2 mins

वे ही वास्तव में महान हो जाते हैं!

'मैं कुछ बनूँ...' या 'हम कुछ बनें' यह ईश्वर से अलग अपना अस्तित्व बनाने की, ईश्वर से अलग होकर अपनी कोई विशेषता प्रकट करने की जो कोशिश है यही व्यक्ति का व्यक्तिगत दोष है और समाज का सामाजिक दोष है | बहुत सूक्ष्म बात है।

वे ही वास्तव में महान हो जाते हैं!

2 mins

देशद्रोहियों, आतंकवादियों को भी मानवाधिकारों के नाम पर सुविधा किंतु एक संत को जीवन-रक्षा हेतु नहीं कोई राहत!

जिन्होंने पूरी जिंदगी स्वदेशी को आगे बढ़ाया है उनको फोर्स किया जा रहा है कि तुम विदेशी इलाज कराओ!

देशद्रोहियों, आतंकवादियों को भी मानवाधिकारों के नाम पर सुविधा किंतु एक संत को जीवन-रक्षा हेतु नहीं कोई राहत!

2 mins

गुरुदेव के स्वास्थ्य हेतु किये जप-अनुष्ठान का जादुई प्रभाव!

२०१२ में मुझे आँतों में सूजन हुई, जिसके लिए मैंने आयुर्वेदिक दवाइयाँ शुरू कीं। हालाँकि उनसे पूरा लाभ तो नहीं हो रहा था फिर भी मैंने सेवन चालू रखा।

गुरुदेव के स्वास्थ्य हेतु किये जप-अनुष्ठान का जादुई प्रभाव!

1 min

मेडिकल ग्राउंड व मानवता के आधार पर आशारामजी बापू को बेल मिलनी ही चाहिए

...यहाँ तक कि अगर सुप्रीम कोर्ट में किसीकी अपील खारिज हो जाय तो भी उसको भी अपने अनुकूल ट्रीटमेंट का अधिकार है। आशाराम बापू की तो हाईकोर्ट में अपील भी पेंडिंग है। ऐसे में अगर उन्हें उनका अधिकार नहीं मिलता तो उनके साथ अन्याय होगा।

मेडिकल ग्राउंड व मानवता के आधार पर आशारामजी बापू को बेल मिलनी ही चाहिए

2 mins

रामराज्य लाना है तो पहले बापूजी को रिहा करो!

व्यासपीठ सच नहीं बोलेगी तो कौन सच बोलेगा? जिस राष्ट्र में कवि और वक्ता ये दो चुप हो जाते हैं न, उस राष्ट्र का पतन हो जाता है।

रामराज्य लाना है तो पहले बापूजी को रिहा करो!

2 mins

हनुमानजी का स्वभाव अपने जीवन में ले आओ!

मंगलमय संदेश - श्री हनुमानजी के प्राकट्य दिवस पर विशेष

हनुमानजी का स्वभाव अपने जीवन में ले आओ!

4 mins

श्रीरामजी, दशरथजी और कौसल्याजी का तात्त्विक अर्थ

मंगलमय संदेश - श्रीराम नवमी पर विशेष

श्रीरामजी, दशरथजी और कौसल्याजी का तात्त्विक अर्थ

3 mins

शाहों के शाह साँईं लीलाशाह!

साँईं श्री लीलाशाहजी महाराज के प्राकट्य दिवस पर विशेष

शाहों के शाह साँईं लीलाशाह!

3 mins

बालक पुरुषोत्तम का भगवत्प्रेम

गंगा-तट पर स्थित देवपुरी नामक गाँव में पुरुषोत्तमदासजी महाराज नाम के एक बहुत उच्च कोटि के संत हो गये। उनका जन्म एक साधारण कुटुम्ब में हुआ था। ३-४ साल की उम्र में उनके पिता चल बसे और ६ साल की उम्र में माता भी चल बसीं। बड़ी बहन ने उनको पाला-पोसा। बहन भगवान की भक्त थी। वह सत्संग में जाती थी तब छोटे पुरुषोत्तम को भी साथ में ले जाती थी।

बालक पुरुषोत्तम का भगवत्प्रेम

2 mins

भागकर कहाँ जाओगे?

एक राजा ने रात में सपना देखा कि एक काली छाया आयी है और कह रही है : \"हे राजन् ! कल शाम को सूरज ढलने से पहले ठीक जगह पर पहुँच जाना।’’

भागकर कहाँ जाओगे?

2 mins

बुद्धि शुद्ध हो तो घसियारिन का उपदेश भी लग जाता है

संत कबीरजी कहते हैं :

बुद्धि शुद्ध हो तो घसियारिन का उपदेश भी लग जाता है

1 min

महँगा सौदा

एक किसान जा रहा था अपने खेत की रखवाली करने के लिए। रास्ते में उसे एक गठरी मिली।

महँगा सौदा

1 min

जीवन के ओज की रक्षा कैसे करें?

जो विकारों के प्रभाव में आकर आकर्षित हो जाता है उसका सेवा में मन नहीं लगेगा, वह सेवा से च्युत हो जायेगा, भ्रष्ट हो जायेगा; ज्ञान से, संयम से, तप से भी भ्रष्ट हो जायेगा। जब तक पूर्णता को नहीं पाया तब तक स्त्री पुरुष की तरफ देखकर प्रभावित होती है और पुरुष स्त्री की तरफ देख के प्रभावित होता है, उनके हृदय में क्षोभ पैदा होता है... और यह है प्रकृति का, कई जन्मों का संस्कार। मनुष्य-जन्म में पुरुषार्थ करके उसे हटाना है।

जीवन के ओज की रक्षा कैसे करें?

2 mins

द्वन्द्रों से मुक्ति और अद्वैत की प्राप्ति

मन का निग्रह कैसे किया जाय इस बारे में बताते हुए भगवान श्रीकृष्ण उद्धवजी से कहते हैं: \"मन ही सुख-दुःख का कारण है और संसार भी मनःकल्पित है। जिसे संसार का दुःख नष्ट करना हो उसे अवश्य ही मन पर काबू पाना चाहिए क्योंकि मन के सिवाय दुःख देनेवाला त्रिभुवन में दूसरा कोई नहीं। मन अत्यंत चंचल है, वह सहसा स्थिर नहीं रहता। इसलिए जिससे भेदभाव दूर हो सके ऐसा विचार करने का अवसर उसे दिन-रात देना चाहिए।

द्वन्द्रों से मुक्ति और अद्वैत की प्राप्ति

2 mins

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Rishi Prasad Hindi Magazine Description:

PublisherSant Shri Asharamji Ashram

CategoryReligious & Spiritual

LanguageHindi

FrequencyMonthly

Started in 1990, Rishi Prasad has now become the largest circulated spiritual monthly publication in the world with more than 10 million readers. The magazine is a digest of all thought provoking latest discourses of His Holiness Asharam Bapu on various subjects directing simple solutions for a peaceful life. The magazine also features news on happenings at various ashrams in past month, inspirational texts from scriptures/legends , practical tips for healthy day-to-day living balancing materialism by idealism, Bapuji's answers to questions raised by seekers, disciples's experiences etc.

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